चंडीगढ़ [शंकर सिंह]। फूलों से गुलजार रहने वाली फ्लावर मार्केट-35, जहां इन दिनों इक्का-दुक्का ही लोग खरीददारी के लिए आ रहे हैं। हिमाचल, बेंगलुरू, पुणे से यहां रोजाना फूल पहुंचते थे, लेकिन इन दिनों केवल हिमाचल से ही यहां फूल आते हैं। व्यापारियों को आशा है कि शादी के सीजन और शादी में लोगों की संख्या बढ़ाने से कुछ व्यापार हो पाएगा। फूलों के रेट करीबन 50 फीसद तक कम हो गए हैं। हॉलसेट रेट पर ज्यादा प्रभाव पढ़ा है, जिससे फूल बागानी करने वाले किसानों को नाम मात्र के ही रुपए मिल पाते हैं।

कोरोना वायरस की वजह से लोग फूल लेने से डर रहे हैं

फूल विक्रेता अनिल भाटिया ने कहा कि इन दिनों लोग कम रुझान फूलों की तरफ दिखा रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान शादियों के कैंसिल होने से हुआ है। ये ऑफ सीजन है, लेकिन शादियों में अच्छा व्यापार हो जाता था। लोगों में अभी कोरोना वायरस का डर है। ऐसे में वह किसी को फूल भी गिफ्ट नहीं कर रहे। हालांकि हमने दुकानों में फूलों को सैनिटाइज वाले पानी से धो रहे हैं, साथ ही गुलाब जल से भी। ताकि इसमें सैनिटाइज की बदबू न आए।

फूल विक्रेता अनिल भाटिया।

हॉलसेट रेट में आई भारी गिरावट

पुष्पक फ्लावर के पंकज भाटिया ने कहा कि वह हॉलसेल का काम करते हैं। फूलों के दाम बिल्कुल गिर गए हैं। पहले जो गुलाब का एक बंच 100 रुपए तक जाता था, वो अब महज 40 रुपए में बिक रहा है, साथ ही लिलि जो सबसे ज्यादा महंगा है उसकी कीमत भी 50 फीसद गिर गई है। लिलि के एशिएटिक किस्म जो पहले प्रति ब्रंच 600 रुपए तक बिकती थी वो अब 300 रुपए में बिक रहा , साथ ही लिलि ऑरिएंटल प्रति ब्रंच 250-300 रुपए तक बिकता था, वो अब 100 रुपए में बिक रहा है।

फूलों की खेती को भी हुआ नुकसान

पंकज ने कहा कि मार्च और अप्रेल महीने में फूलों की पोध अच्छी होती है। मगर लॉकडाउन की वजह से फूलों की पोध बेकार हो गई। कई फूल सड़ गए, ऐसे में मार्केट में फ्रेश स्टॉक ही नहीं आया। इस समय केवल हिमाचल से ही फूल आ रहे हैं, बेंगलुरू और पुणे से नहीं।

 

फूल विक्रेता विजय कुमार।

शादियां होंगी तो ही बिजनेस दोबारा अच्छा हो पाएगा

दिशा फ्लोरिस्ट के विजय कुमार ने कहा कि व्यापार केवल दो से चार फीसद हो रहा है। फूलों को दो से ज्यादा दिन नहीं रखा जा सकता, ये सूख जाते हैं। शादियां कैंसिल होने की वजह से नुकसान हुआ। डिलिवरी की कमी से अभी केवल गुलाब, कार्नेशन और लिलि ही मिल रहे हैं। इस बात की संतुष्टी है कि लॉकडाउन के दौरान दुकान का किराया अभी तक मालिक द्वारा नहीं मांगा गया, जिससे हम सर्वाइव कर पा रहे है।

Posted By: Vikas_Kumar

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