हॉकी के मैदान से पंजाब कांग्रेस की कमान तक... कौन हैं परगट सिंह? जो बने प्रदेश अध्यक्ष; लगातार 3 बार बने हैं विधायक
पंजाब कांग्रेस को पूर्व ओलंपियन और हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह के रूप में नया प्रदेश अध्यक्ष मिला ...और पढ़ें
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परगट सिंह को मिली पंजाब कांग्रेस की कमान। फोटो जागरण
HighLights
परगट सिंह पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बने।
पूर्व ओलंपियन और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं।
जालंधर कैंट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए।
डॉ. सुमित सिंह श्योराण। पंजाब कांग्रेस को अब पूर्व ओलंपियन और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह के रूप में नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। जालंधर के मिट्ठापुर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी में भारत की कप्तानी करने वाले परगट सिंह ने खेल के बाद राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वह लगातार तीन बार जालंधर कैंट विधानसभा सीट से विधायक चुने जा चुके हैं। कांग्रेस ने अब उन्हें प्रदेश संगठन की कमान सौंपी है।
मिट्ठापुर से शुरू हुआ हॉकी का सफर
परगट सिंह का जन्म 5 मार्च 1964 को जालंधर के मिट्ठापुर में हुआ। यह गांव पंजाब की हॉकी परंपरा के लिए जाना जाता है। उन्होंने लायलपुर खालसा कॉलेज, जालंधर से बीए की पढ़ाई की। छह वर्ष की उम्र से हॉकी खेलना शुरू करने वाले परगट भारतीय टीम में डिफेंडर के रूप में खेले।
1983 में हांगकांग के खिलाफ उनका अंतरराष्ट्रीय पदार्पण हुआ। वह 1985 जूनियर विश्व कप, 1986 और 1990 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 1990 के विश्व कप में वह भारतीय टीम के कप्तान थे।
तीन ओलंपिक में भारत की कप्तानी
परगट सिंह ने 1988 सियोल, 1992 बार्सिलोना और 1996 अटलांटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। बार्सिलोना और अटलांटा ओलंपिक में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी की। 1996 के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लिया। इसके बाद भी खेल से उनका जुड़ाव बना रहा। वह एफआईएच एथलीट पैनल और नियम सलाहकार पैनल से जुड़े तथा 1998 में भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम के कोच भी बने।
ये सम्मान मिल चुके
खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 1989 में अर्जुन पुरस्कार, 1998 में पद्मश्री और 2005 में महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार मिला। पंजाब में वह खेल निदेशक भी रहे।
राजनीति में 2012 में रखा कदम
हॉकी से राजनीति का सफर परगट सिंह ने 2012 में शुरू किया। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर जालंधर कैंट से विधानसभा चुनाव जीता। बाद में अकाली दल से अलग होने के बाद नवंबर 2016 में कांग्रेस में शामिल हुए और 2017 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2022 में भी उन्होंने जालंधर कैंट सीट बरकरार रखी। इस तरह वह 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार विधायक चुने गए।
शिक्षा और खेल मंत्री की जिम्मेदारी
चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में सितंबर 2021 से मार्च 2022 तक परगट सिंह पंजाब के कैबिनेट मंत्री रहे। उन्हें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा सेवाएं तथा एनआरआइ मामलों की जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले वह कांग्रेस संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते महासचिव (संगठन) रहे।
अब कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर उनकी राजनीतिक पारी को नया विस्तार दिया है। ऐसे समय में जब पंजाब कांग्रेस को संगठनात्मक स्तर पर एकजुट करने और विधानसभा चुनाव की तैयारी को गति देने की चुनौती है, परगट सिंह के सामने खेल के मैदान के बाद अब पार्टी संगठन को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
