जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : कलाग्राम में शुक्रवार को ग्यारहवां चंडीगढ़ नेशनल क्राफ्ट मेले का शुभारंभ हुआ। मेले की थीम वेस्ट टू ईस्ट रखी गई। जिसके अंतर्गत यहां 17 राज्य पहुंचे। वित्त सचिव अजोय कुमार सिन्हा ने इसका उद्घाटन किया। मेले में पहले दिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और गुजरात के लोक नर्तकों ने प्रस्तुति दी। इसके अलावा श्री गुरु नानक देव जी की 550वीं वर्षगांठ पर भी श्रद्धांजलि दी गई। पीढि़यों से बना रहे हैं बनारसी साड़ियां

बनारस के रियाजुद्दीन अंसारी बनारसी सिल्क साड़ियों के साथ मेले में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पीढि़यों से इसी काम में हूं। वर्ष 2014 में इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। वैसे तो अब तकनीक काफी आगे तक पहुंच गई है। मगर जो मजा हथकरघों पर साड़ी बुनने का है वो कहीं नहीं। ये काम आज भी बहुत ही एक्सपर्ट करते हैं, जो वर्षो की मेहनत के बाद आता है। एक ही साड़ी को बनाने के लिए सात दिन से लेकर चार महीने तक का समय लगता है। मेले में पहुंचे विभिन्न लोक कलाकारों ने भी पहले दिन शाम को महकाया।

कागज और ट्रांजिस्टर की प्रदर्शनी

कलाग्राम में चंडीगढ़ ललित कला अकादमी द्वारा विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। जिसे जयपुर के कलाकार विनय शर्मा ने लगाया। इसे रिद्मिक पास्ट नाम दिया गया है। जिसमें ताल पर आधारित पुरानी चीजों को प्रदर्शित किया गया। इसमें 1942 से लेकर 1975 तक के ट्रांजिस्टर को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के कागजों से बनाए स्कल्प्चर को भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया।

जसबीर जस्सी ने दी प्रस्तुति

मेले में पहली शाम गायक जसबीर जस्सी ने प्रस्तुति दी। उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी पर आधारित शबद से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दिल ले गई कुड़ी, कोका, माहिए दी सुनाओ कोई गल जैसे गीत प्रस्तुत किए। इसके अलावा उन्होंने दर्शकों की फरमाइश पर आधारित गीत भी प्रस्तुति किए। आज रूप कुमार राठौड़ देंगे प्रस्तुति

मेले में शनिवार को गायक रूप कुमार राठौड़ और सुनाली राठौड़ प्रस्तुति देंगे। इनकी प्रस्तुति शाम साढ़े सात बजे से शुरू होगी।

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