'तारीख तय कर खुद तय की अपनी जवाबदेही', अमित शाह के नशा मुक्त पंजाब के वादे पर बोले तरुण चुग; पढ़ें खास इंटरव्यू
भाजपा सांसद तरुण चुग ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त बनाने के वादे का बचाव किया, विरोधियों के 'जुमला' कहने पर जवाब दिया।
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भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग। फोटो जागरण
HighLights
भाजपा ने 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
तरुण चुग ने AAP पर नशा मुक्ति वादे पूरे न करने का आरोप।
पंजाब में PIT-NDPS कानून के तहत तस्करों पर कार्रवाई की कमी।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। जालंधर में 30 सितंबर को भाजपा की ओर से आयोजित महारैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब को 31 दिसंब 2029 तक नशा मुक्त बनाने की घोषणा की। शाह के इस वादे को विरोधियों ने जुमले की संज्ञा दी है। इस पर भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहा कि जुमला वह होता है जिसकी कोई तारीख नहीं होती।
हमने तारीख दी है और तारीख देकर अपनी जवाबदेही खुद तय की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने कश्मीर में आतंकवाद पर निर्णायक प्रहार किया, वहां से अनुच्छेद 370 तो हटाया, 50 वर्ष पुरानी नक्सल समस्या को तारीख तय करके समाप्त किया और पूर्वोत्तर में आतंकवाद की कमर तोड़ी।
जिस पार्टी ने यह करके दिखाया है। आम आदमी पार्टी बताय कि सत्ता में आने से पहले उसने पंजाब से नशा खत्म करने का वादा किया था। साढ़े चार साल बाद पंजाब पूछ रहा है—उस वादे की तारीख कहां गई?
सवाल- क्या किसान, उद्योग और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे पीछे छूट जाएंगे?
जवाब- बिल्कुल नहीं, बल्कि यही सारे मुद्दों का केंद्र है। नशा है तो अपराध है, अपराध है तो निवेश नहीं आता, निवेश नहीं तो रोजगार नहीं, और रोजगार नहीं तो युवा या तो विदेश जाता है या नशे की गिरफ्त में आता है। यह एक दुष्चक्र है, और इसकी जड़ नशा है।
शाह ने स्पष्ट कहा है कि भाजपा किसानों की समस्याओं का समाधान करेगी, पंजाब की वित्तीय हालत सुधारेगी, युवाओं को रोजगार देगी और पंजाब को औद्योगिक क्षेत्र में फिर से देश के शीर्ष पांच राज्यों में लाएगी लेकिन इन सबकी पहली शर्त है- नशा मुक्त पंजाब। जिस दिन नशे की जड़ कटेगी, उस दिन बाकी बीमारियों का इलाज भी शुरू हो जाएगा।
सवाल- 13 दिन, 4 हजार किमी और 117 विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की यात्रा ने आपको क्या दिखाया?
जवाब- इस यात्रा ने हमें आंकड़े नहीं, आंसू दिखाए। हर हलके में ऐसे परिवार मिले जिनके घर के चिराग नशे ने बुझा दिया। कहीं मां के हाथ में बेटे की तस्वीर थी, कहीं पिता की आंखों में बुढ़ापे का सहारा छिन जाने का दर्द।
जिस पंजाब के किसानों ने देश के गोदाम भरे और जिसके जवानों ने सीमा पर सबसे अधिक बलिदान दिए, वहां आज माताओं को 'मावां मंगदियां जवाब' जैसी रैलियां निकालनी पड़ रही हैं। यह किसी भी सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा आरोप-पत्र है। पठानकोट से भाजपा के कार्यक्रम के रूप में शुरू हुई यात्रा जालंधर तक पहुंचते-पहुंचते वह पंजाब की माताओं का आंदोलन बन चुकी थी।
सवाल- पीआईटी-एनडीपीएस कानून अहम क्यों?
जवाब- यह वह कानून है जिसके तहत बड़े और आदतन तस्करों को जमानत पर छूटने का मौका तक नहीं मिलता। देश भर में इस कानून के तहत 5,000 से अधिक तस्कर जेल भेजे गए। पंजाब, जहां सबसे अधिक नशा बिकता है, वहां इस वर्ष एक भी कार्रवाई नहीं हुई।
जब सरकार के हाथ में सबसे धारदार हथियार हो और वह उसे म्यान से ही न निकाले, तो सवाल क्षमता पर नहीं, नीयत पर उठता है। राज्य सरकार 77,000 नशा तस्करों को पकड़ने का दावा करती है लेकिन इनमें से एक पर भी उक्त कानून के तहत केस दर्ज क्यों नहीं हुआ। सरकार बताए कि इनमें से कितने बड़े तस्कर शामिल हैं।
क्या राज्य में एनसीबी का कार्यालय खोलने का प्रस्ताव ठुकराया?
जवाब- बिल्कुल। मुख्यमंत्री हर समस्या पर कहते हैं कि केंद्र सहयोग नहीं करता, लेकिन केंद्र की ओर से बढ़ाए गए हाथ को झटक देते हैं। एनसीबी का कार्यालय खुलने से पंजाब को नुकसान नहीं होना था बल्कि नुकसान केवल उनका होता जो नशे के कारोबार से कमा रहे हैं। इससे बावजूदू शाह ने साफ कर दिया है कि पंजाब सरकार मना कर भी दे, तब भी केंद्र अपना काम करेगा।
सवाल- आप का आरोप- शाह की महारैली के दिन गुजरात में बड़ी मात्रा में नशा पकड़ा गया
जवाब- नशा पकड़ा जाना विफलता नहीं, सफलता है। गुजरात में नशा पकड़ा गया, क्योंकि वहां एजेंसियां जागी हुई हैं, खुफिया तंत्र काम कर रहा है और सरकार सहयोग कर रही है। कटघरे में वह राज्य नहीं है जो नशा पकड़ रहा है, बल्कि वह सरकार है जिसके राज में नशा बिक रहा है। दूसरे राज्यों की ओर उंगली उठाकर पंजाब की माताओं के सवालों से नहीं बचा जा सकता।
सवाल- भाजपा की यात्रा का आप कार्यकर्ताओं के विरोध को कैसे देखते हैं?
जवाब- लोकतंत्र में विरोध सबका अधिकार है, लेकिन काफिलों पर हमला करना और नेताओं से बदसलूकी करना विरोध नहीं, गुंडागर्दी है। यह विरोध माफिया के इशारे पर, सोच-समझकर भाजपा को डराने के लिए किया गया।
थानों पर हुए हमलों को कैसे देखते हैं?
जवाब- थाना हर जगह सुरक्षा का प्रतीक होता है, लेकिन पंजाब में थाना खुद असुरक्षित है। पंजाब में 23 पुलिस थानों पर ग्रेनेड फेंके गए, भाजपा कार्यालय को निशाना बनाया गया और पुलिस मुख्यालय तक पर राकेट लान्चर से हमला हुआ।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि अपराधी गोली चलाते हैं, वीडियो बनाते हैं, इंटरनेट मीडिया पर डालते हैं और सरकार के प्रवक्ता टीवी पर कहते हैं कि सब ठीक है। यह गंभीर बीमारी है। इसका इलाज होना चाहिए, बीमारी छिपानी नहीं चाहिए। हालात यह हैं कि आज पंजाब में हजारों पुलिसकर्मी वीआइपी सुरक्षा में लगे हैं और थाने खाली पड़े हैं।
सवाल- क्या पंजाब पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करने की जरूरत है?
जवाब- कानून का शासन तभी मजबूत होता है जब पुलिस को स्पष्ट जवाबदेही के साथ काम करने की पूरी आजादी मिले। पुलिस का मनोबल ऊंचा होगा, तो अपराधी का मनोबल अपने आप टूटेगा।
सवाल- पंजाब के युवा बड़ी संख्या में विदेश जा रहे हैं। भाजपा इसे कैसे रोकेगी?
जवाब- तीन चीजों से—उद्योग, कौशल और अवसर और चौथा, जो इन तीनों की शर्त है-सुरक्षा। सरकारी नौकरी जरूरी है, लेकिन पूरी युवा आबादी को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती। निजी क्षेत्र को बढ़ावा देना होगा लेकिन जिस राज्य में फिरौती की काल और गोली की आवाज निवेश का माहौल तय कर रही हो, वहां उद्योग कैसे आएगा?
कोई माता-पिता अपने बेटे को उस राज्य में नहीं रोकेंगे जहां उसे नशे या गोली का डर हो। हमें ऐसा पंजाब बनाना है जहां युवा कहे "विदेश जाना मेरी मजबूरी नहीं, मेरा विकल्प है।
सवाल- सीमावर्ती जिलों में ड्रोन से नशे और हथियारों की तस्करी पर आपकी क्या राय है?
जवाब- सीमा पर ड्रोन रोकने के लिए केंद्र सरकार तकनीक, एंटी-ड्रोन सिस्टम और खुफिया तंत्र पर लगातार निवेश कर रही है। सीमा पार से आया नशा गांव और मोहल्ले तक कौन पहुंचाता है? वह नेटवर्क पंजाब के भीतर है और उस पर कार्रवाई राज्य पुलिस की जिम्मेदारी है। सीमावर्ती जिलों—अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन और फाजिल्का को आर्थिक प्रवेश-द्वार के रूप में विकसित करना होगा।
सवाल - पंजाब की जनता के नाम आपका संदेश?
जवाब- पंजाब कभी हार मानने वाला प्रदेश नहीं रहा। जिस पंजाब ने देश को अन्न दिया, सीमा पर जवान दिए और दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई, वह आज की चुनौतियों से भी उबरेगा। पंजाब ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों को भी देखा है और आप को भी।
अब भाजपा को एक मौका दीजिए। हमारा संकल्प है कि पंजाब में एक ग्राम ड्रग भी नहीं बिकने देंगे और पंजाब के रास्ते देश में एक ग्राम ड्रग भी नहीं आने देंगे। हम ऐसा पंजाब बनाएंगे जहां पुलिसकर्मी निर्भय होकर वर्दी पहने, युवा नशे से नहीं अपने सपनों से पहचाना जाए, और पंजाब अपनी समस्याओं के लिए नहीं, अपनी उपलब्धियों के लिए जाना जाए।
