चंडीगढ़ [विशाल पाठक]। सेक्टर-17 में आधे से ज्यादा शोरूमों और बिल्डिंगों में वॉयलेशन है। जिन पर पिछले 10 साल से एसडीएम कोर्ट में केस चल रहे हैं। वीरवार को एस्टेट ऑफिस ने बिल्डिंग वॉयलेशन के तहत सेक्टर-17 में कैपसंस बिल्डिंग को सील कर दिया था। एसडीएम नाजुक कुमार ने बताया कि सेक्टर-17 में 60 प्रतिशत शोरूम और बिल्डिंग ऐसी हैं जिन पर मिसयूज व वॉयलेशन के केस चल रहे हैं। कई इमारतें बिल्डिंग बायलॉज रूल्स के खिलाफ हैं। आधे से ज्यादा शोरूम व इमारतों में बिल्डिंग वॉयलेशन है। इन सभी बिल्डिंगों में वॉयलेशन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

सेंट्रल जोन में 1500 से ज्यादा वॉयलेशन के केस पेंडिंग

एसडीएम नाजुक कुमार ने बताया कि सेंट्रल डिविजन में 1400 से 1500 इमारतों पर मिसयूज और वॉयलेशन के केस चल रहे हैं। सेक्टर-17 में ही अकेले 300 से अधिक बिल्डिंगों पर वॉयलेशन के केस हैं। एसडीएम कोर्ट में केस चल रहे हैं। लंबे अरसे से इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई शोरूमों व बिल्डिंग मालिकों को बार-बार नोटिस व टाइम देने के बावजूद मिसयूज व वॉयलेशन को खत्म नहीं किया जा रहा है। जल्द ही इन सब पर एक्शन लिया जाएगा। एस्टेट रूल्स और बिल्डिंग वॉयलेशन बायलॉज के तहत इन इमारतों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

एक महीने के अंदर नक्शा पास कराएं

नाजुक कुमार ने कहा कि जल्द ही एस्टेट ऑफिस की ओर से ऐसे लोगों को रिमाइंडर नोटिस भेजा जाएगा। जिन पर बिल्डिंग वॉयलेशन और मिसयूज के केस चल रहे हैं। इसके अलावा जिन लोगों ने एडिशनल कंस्ट्रक्शन, नक्शा पास नहीं कराया है या फिर दोबारा से नक्शा पास कराना है। उन्हें एक महीने का समय दिया जाएगा। ताकि वह टाइम पर अपना नक्शा पास करा सकें। एसडीएम ने कहा कि बिल्डिंग वॉयलेशन और मिसयूज के लंबे टाइम से चले आ रहे पेंडिंग मामलों पर फास्ट ट्रैक के तहत एसडीएम कोर्ट में सुनवाई होगी।

 

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