चंडीगढ़, [कुलदीप शुक्ला]। यूटी पुलिस विभाग की सिक्योरिटी स्टोर विंग के पुलिसकर्मियों ने कोरोना ड्यूटी में रोजाना इस्तेमाल होकर स्टोर में रखने वाले सामने को सेनिटाइज करने के लिए यूवीसी सेनिटाइजेशन बॉक्स तैयार किया है। इसमें सिक्योरिटी विंग से ड्यूटी पर यूज होने वाले वैपन, वॉयरलेश सेट, टॉर्च, मेटल डिटेक्टर, स्कैनर, ड्रोन, रजिस्टर, पर्स, नोट और अन्य सामान सेनिटाइज किया जाता है। आइआइटी रोपड़ में बने उपकरण के देख डीआइजी सिक्योरिटी शशांक आनंद के निर्देशानुसार डीएसपी उमरॉव सिंह नेतृत्व में विंग के इंस्पेक्टर मंजीत, हेड कांस्टेबल गुरदीप, हेडकांस्टेबल पवन और कांस्टेबल ऊषा ने यह यूवीसी सेनिटाइजेशन बनाया है।

30 मिनट में होता है सामान सेनिटाइज

इस उपकरण में पुलिसकर्मियों ने पुलिस विभाग में इस्तेमाल होने वाले सभी तरह के सामान को सेनिटाइज करने को बनाया है। इसमें निजी सामान यानी पर्स, करेंसी, बेल्ट, घड़ी व खाद्य सामाग्री भी सेनिटाइज की जा सकती है। पहले सामान को बॉक्स में डालकर और उसे बंद करके यूवीसी लैंप को ऑन किया जाता है। तीस मिनट के बाद यूवीसी लैंप को बंद कर दिया जाता है और फिर 10 मिनट तक उसे छोड़ दिया जाता है। सामान को दोनों तरफ इसी प्रक्रिया में सेनिटाइज करने के बाद बाहर निकाल लेते हैं।

कैसा है उपकरण

विंग के हेड कांस्टेबल गुरदीप सिंह ने बताया कि इस उपकरण को बनाने के लिए रोजमर्रा में प्रयोग होने वाले ट्रंक में एक यूवीसी लैंप लगाकर उसके अंदर की परत पर एल्युमीनियम की शीट चिपका दी। यूवीसी लैंप आमतौर पर वाटर प्यूरीफायर में लगे होते हैं। यूवीसी लाइट वायरस को मार देती है। आइआइटी रोपड़ की तकनीक को देखकर इसे सिक्योरिटी स्टोर में तैयार किया गया है। इसे बनाने की प्रक्रिया बजट में और सरल है।

कोरोना से बचाव के लिए आइआइटी रोपड़ में बने उपकरण को देख सिक्योरिटी स्टोर में दो यूवीसी सेनिटाइजेशन बॉक्स मुलाजिमों ने बनाया है। इसमें रोजाना ड्यूटी पर इस्तेमाल होने के बाद शाम को जमा करने वाले वैपन, स्कैनर, रजिस्टर, रस्सी सहित दूसरे सामान को सेनिटाइज किया जाता है।

अमरॉव सिंह, डीएसपी सिक्योरिटी

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