डा. सुमित सिंह श्योराण , चंडीगढ़

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों को यूटी प्रशासन के अधिकारी गंभीरता से नहीं लेते हैं। ताजा मामले में हाई कोर्ट ने आठ अप्रैल को सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट कालेज आफ आर्ट (जीसीए) से 2019 में सेवानिवृत्त किए गए प्रोफेसर डा. सुमंगल राय को फिर से नौकरी पर ज्वाइन कराने के निर्देश दिए थे। चार हफ्ते के भीतर यूटी प्रशासन को प्रोफेसर को फिर से ज्वाइनिग कराने को कहा गया, लेकिन प्रशासन के आला अधिकारी हाई कोर्ट के निर्देशों को मानने के लिए तैयार नहीं है। प्रोफेसर बीते एक महीने से यूटी प्रशासन अधिकारियों के लगातार चक्कर काट रहा है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। यूटी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं किए जाने के खिलाफ अगले हफ्ते प्रोफेसर हाई कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। दैनिक जागरण से बातचीत में डा. राय ने कहा कि 18 अप्रैल को हाई कोर्ट के निर्देश पर कालेज में ज्वाइनिग दी थी, लेकिन उन्हें न तो रजिस्टर में हाजिरी लगाने दी गई और न ही क्लास लेने की अनुमति दी। ये है प्रोफेसर की रिटायरमेंट का मामला

जीसीए-10 में एसोसिएट प्रो. डा. सुमंगल राय को मार्च 2019 में रिटायर कर दिया गया। आठ अप्रैल को हाई कोर्ट ने मामले में फैसला देते हुए यूटी प्रशासन को निर्देश दिए कि डा. राय को 2019 में रिटायरमेंट डेट से ही फिर से ज्वाइनिग कराने और उन्हें पूरा वेतन और अन्य भत्ते दिए जाएं। हाई कोर्ट के निर्देश पर भी यूटी प्रशासन के टेक्निकल शिक्षा विभाग ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। हाई कोर्ट के इस फैसले से शहर के कालेजों में तीन वर्ष में रिटायर हुए अन्य प्रोफेसर की भी उम्मीद बंधी है।

20 हजार लग चुका है जुर्माना

कालेजों में शिक्षकों की रिटायरमेंट मामले को लेकर हाई कोर्ट से यूटी प्रशासन के अधिकारियों को कई बार फटकार लग चुकी है। मामले में हाई कोर्ट ने शिक्षा सचिव और एडवाइजर पर 20 हजार का जुर्माना लगाया जा लग चुका है।

Edited By: Jagran