जासं, चंडीगढ़ : कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग में पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिग एंड टेक्नोलॉजी (यूआइईटी) ने भी अपना योगदान दिया है। पीपीई किट की कमी को देखते हुए यूआइईटी टीम ने 50 फेस शिल्ड्स का निर्माण किया है। डॉ. राकेश तुल्ली, डॉ. प्रशांत जिदल और डॉ. ममता जुनेजा के अलावा दो स्टूडेंट्स विजय और साहिल ने फेस शिल्ड बनाने में योगदान दिया। डॉ. तुल्ली ने बताया कि फेस शिल्ड को मेडिकल टीम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। फेस शिल्ड को बनाने में ज्यादा समय नहीं लगा। थ्री-डी प्रिटिग मशीनों की मदद से करीब 10 मास्क को एक घंटे में बनाया जा सकता है। कैंपस में दो मशीनें इंस्टॉल है और स्टूडेंट्स में मशीनों को इंस्टॉल करने की काबिलियत भी है। यूआइईटी डॉयरेक्टर प्रो. सविता गुप्ता ने इस कार्य में उनकी मदद की। डॉक्टर्स और नर्स को ज्यादा जरूरत

फेस शिल्ड की इस समय सबसे ज्यादा जरूरत डॉक्टर और नर्स को है। मास्क केवल नाक और मुंह को कवर करता है, ऐसे में मरीजों को चेक करते हुए डॉक्टर और नर्स को सावधानी बरतनी होती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए फेस शिल्ड बनाया गया है। यह फेस शिल्ड ट्रांसपेरेंट है और आसानी से इसे धो कर दोबारा प्रयोग किया जा सकता है। पूरे रीजन में दस हजार फेस शिल्ड की है जरूरत

डॉ. तुल्ली ने बताया कि इस समय पूरे रीजन में करीब दरस हजार फेस शिल्ड की जरूरत है। इसके अलावा देश की बात करें तो लाखों में इसकी संख्या जाती है। अभी फिलहाल हमने 50 फेस शिल्ड ही बनाई हैं, लेकिन आने वाले समय में अगर जरूरत पड़ी तो हम ओर फेस शिल्ड बना सकते है।

Posted By: Jagran

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