जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। कोरोना काल में मनीमाजरा स्थित एक फार्मा कंपनी की संचालिका से ब्लैक फंगस के इंजेक्शन सप्लाई करने के एवज में 23 लाख 76 हजार रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपितों को साइबर सेल ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान गुजरात के सूरत 38 वर्षीय विशेष अग्रवाल और 23 साल के विशाल सुरानी के तौर पर हुई है। यूटी पुलिस ने सूरत में रेड कर दोनों को गिरफ्तार किया है।

वहीं, मामले में इससे पहले छह जुलाई को बिहार से पल्लव कुमार और बृजभूषण को गिरफ्तार किया था। इन दोनों आरोपितों को पुलिस ने आठ दिन रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरा इन्होंने दो अन्य आरोपितों के बारे में खुलासा किया था जिसके बाद पुलिस ने आरोपित विशेष अग्रवाल और विशाल सुरानी को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार कालका की गीता राव ने पुलिस को शिकायत में बताया क‌ि वह मनीमाजरा के शांतिनगर में एक फार्मा कंपनी चलाती हैं। उनके व्यापार से संबंधित कई वाट्सएप ग्रुप हैं। इस ग्रुप में उसको 24 मई को 9054573460 नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने उनको  ब्लैंक फंगस के इलाज में उपयोग होने वाले एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की पेशकश की थी। प्रति इंजेक्शन 4800 रुपये रेट तय हुआ।

डील तय होने के बाद गीता राव ने जलेशवर फॉर्मा के आइसीआइसीआइ बैंक के खाते में पहले 50 हजार एडवांस में डाले। इसके अगले ही दिन उन्होंने कंपनी की ओर डीटीडीसी का कोरियर की रसीद भेज दी गई। इसके बाद उन्होंने उस पर यकीन करते हुए उसी खाते में 1 लाख 90 हजार रुपये डाल दिया था। इसके बाद महिला ने फॉर्मा कंपनी को 600 इंजेक्शन की डिलीवरी के लिए ऑर्डर दे दिया। इस पर उन्हें दोबारा फोन आया और उनसे कोटेक महिंद्रा बैंक और एसबीआइ के अलग अलग खाते में कुल 23 लाख 76 हजार रुपये जमा करवा लिया था। ऑर्डर लेने के चक्कर में गीता राव ने उपरोक्त बैंक खातों में 23 लाख 76 हजार रुपये जमा करवा दिए। रुपये मिलने के बाद न तो कंपनी ने इंजेक्शन डिलीवरी की और न ही उनके रुपये वापस लौटाए। जब उन्होंने उससे अपने रुपये वापस मांगे, तो वह टाल मटोल करता रहा। इसके चलते महिला ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया था।