कुराली, [चेतन भगत]। कोरोना वायरस के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए विश्व भर के अस्पतालों में सफेद कोट पहनकर ईश्वर का स्वरूप बने डॉक्टर्स अपना फर्ज निभा रहे हैं। ऐसी ही मिसाल बन रहे हैं कुराली सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. भूपिंदर सिंह जो 60 वर्ष की आयु में भी कोरोना की इस जंग में डबल ड्यूटी निभा अपना योगदान दे रहे हैं।

पिछले करीब तीन वर्षों से कुराली सिविल अस्पताल में बतौर एसएमओ ड्यूटी निभा रहे डॉ. भूपिंदर सिंह को बीते 31 मार्च को विभागीय रिटायरमेंट दी जानी थी और सभी तैयारियों के बीच विभाग द्वारा उनके पेंशन के कागजात भी जारी किए जा चुके थे। इसी बीच बीते 15 मार्च के बाद कोरोना संक्रमण के बढ़े प्रकोप के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल तक देशभर में लॉकडाउन घोषित किया और पंजाब सरकार द्वारा राज्य में क‌र्फ्यू लागू किया गया था। वहीं सभी डॉक्टर्स की रिटायरमेंट पर रोक लगाते हुए उन्हें छह महीने की एक्सटेंशन दी गई है।

छह की बजाय बारह घंटे निभा रहे ड्यूटी

एसएमओ डॉ. भूपिंदर सिंह ने बताया कि आम दिनों में उनकी ड्यूटी सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक होती है पर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ी जा रही जंग के चलते वह बीती 22 मार्च से लगातार अस्पताल में सुबह आठ से शाम आठ बजे तक ड्यूटी निभा रहे हैं और इस दौरान ईश्वर ने उन्हें ऐसा बल बख्शा है कि वह 60 वर्ष की आयु में भी बिना थकान और शिकन के मानवता के सेवार्थ 12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं।

अभी मानवता के प्रति सेवा बाकी

एसएमओ डॉ. भूपिंदर सिंह का कहना था कि 33 वर्ष के कार्यकाल के बाद सेहत विभाग द्वारा प्रदान की गई छह महीने की एक्सटेंशन से उन्हें ऐसा आभास हो रहा है कि शायद अभी वाहेगुरु की नजर में उनकी मानवता के प्रति सेवा अभी बाकी है जिसे वह पूरी कर्तव्य निष्ठा एवं तनदेही से निभाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।

 

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