चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब कैबिनेट ने शिक्षकों की ट्रांसफर को सरल बनाते हुए नई ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। यह पॉलिसी 1 अप्रैल से लागू होगी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी विभागों से कहा कि ट्रांसफर पॉलिसी को कर्मचारियों की योग्यता के आधार पर तैयार किया जाए।

मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी, सात साल के बाद अनिवार्य रूप से किया जाएगा तबादला

नई ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी ईटीटी, एचटी, सीएचटी, मास्टर सीएंडवी लेक्चरर, वोकेशनल मास्टर, प्रिंसिपल और हेड मास्टर आदि सभी पर लागू होगी। यह पॉलिसी सेवानिवृत्ति के बाद एक्टेंशन पर काम कर रहे, ब्लॉक अधिकारी, जिला अधिकारी, प्रिंसिपल डाइट के पद पॉलिसी के अंतर्गत नहीं आएंगे।

पॉलिसी में एक विशेष क्षेत्र व स्कूल में सात साल की सेवा के बाद अनिवार्य रूप से स्थानांतरित किया जाएगा। नई पॉलिसी में एक शिक्षक के लिए एक विशेष स्टेशन पर तीन साल तक अपनी सेवाएं दिए बिना ट्रांसफर के लिए आवेदन नहीं करने के नियम में बदलाव किया गया है। अब यह अवधि एक साल की होगी, लेकिन नए शिक्षकों के लिए एक स्टेशन पर तीन साल सेवा देना अनिवार्य होगा। हालांकि, नवविवाहित शिक्षक तीन साल में एक बार ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकती है।

कैंसर मरीजों, दिव्यांगों को मनचाही ट्रांसफर

कैंसर समेत गंभीर बीमारियों से पीडि़त, 60 फीसदी विकलांग, तलाकशुदा, मानसिक रूप से विकलांग बच्चों के अभिभावक और शहीदों की विधवाओं को मनचाही जगह पर ट्रांसफर किया जाएगा।

खराब प्रदर्शन पर भी होगा तबादला

शिकायत या खराब प्रदर्शन के कारण, शिक्षकों को प्रशासनिक आधार पर किसी भी समय स्थानांतरित किया जा सकता है। तबादलों के दो दौर होंगे। तबादलों के पहले दौर के बाद, पात्र शिक्षक पहले दौर में स्थानांतरण के कारण बनाई गई रिक्तियों के खिलाफ स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते थे।

अगर किसी भी मामले में अध्यापक का कोई रिश्तेदार 15  किलोमीटर के दायरे में प्राइवेट शिक्षा संस्थान चला रहा होगा तो उसे 15 किलोमीटर के बाहर भेजा जाएगा। नीति के अनुसार जिला मुख्यालयों के नगरपालिका क्षेत्र के भीतर स्थित स्कूलों से स्थानांतरण करने वाले शिक्षकों को 20 अंक दिए जा सकते हैं।

ये स्कूल शामिल नहीं

जिला मुख्यालयों के शहर के नगरपालिका क्षेत्र की सीमा से शुरू होने वाले 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूल और शहर में स्थित स्कूल इसमें शामिल नहीं होंगे। इसके तहसील मुख्यालयों के शहर व साथ ही 5 किलोमीटर के दायरे में स्थित ऐसे स्कूलों को भी राहत दी गई है, जो नगर निगम की सीमा से शुरू होते हैं।

Posted By: Sunil Kumar Jha