जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। डीसी कम एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में शुक्रवार को ट्रेड वेलफेयर बोर्ड की मीटिंग बुलाई गई। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट से संबंधित कोई भी काम या समस्या अगर व्यापारियों को हो, तो वे इसका हल मिलकर निकाल सकें। इसके लिए ट्रेड वेलफेयर बोर्ड का गठन किया गया है। शुक्रवार को हुई इस बैठक में विभाग के अफसरों के अलावा चंडीगढ़ व्यापारमंडल और बाकी व्यापारी संगठनों से प्रतिनिधि भी मौजूद थे। मीटिंग में व्यापारियों की तरफ से कई डिमांड जीएसटी और रिटर्न फाइल करने को लेकर रखी गई। हालांकि इन मांगों पर चंडीगढ़ प्रशासन या एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट अपने लेवल पर कुछ नहीं कर सकता है। इसलिए इसको आगे जीएसटी काउंसिल के पास भेजा जाएगा।

वहीं व्यापारियों की जो मांगें यहां लोकल लेवल पर पूरी हो सकती थी। उनको मौके पर ही सुलझा लिया गया। व्यापारियों की तरफ से मांग की गई है कि जीएसटी के जो स्लैब बनाए गए हैं। उनमें बदलाव किया जाना चाहिए। ट्रेडर्स ने कहा केंद्र की ओर से जो चार स्लैब बनाए गए हैं। सरकार को उनकी जगह पर सिर्फ तीन स्लैब ही रखनी चाहिए। जिसमें केवल एक 5 परसेंट, दूसरा 12 परसेंट का और तीसरा 18 परसेंट की स्लैब ही होनी चाहिए। जबकि 28 परसेंट वाली स्लैब को 18 परसेंट में वाली स्लैब में शामिल कर दिया जाना चाहिए।

फीस माफ करने का भी प्रस्ताव रखा
वहीं, चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने डीसी बराड़ के समक्ष मार्केट फीस माफ करने का प्रस्ताव रखा। इसमें चावल और इसी तरह की बाकी चीजों में जो मार्केट फीस है, उसको चंडीगढ़ में खत्म किए जाने को लेकर मांग की गई है। ऑफिसर्स की तरफ से ट्रेडर्स की जीएसटी को लेकर आ रही समस्या व सुझाव को सुनने के बाद, यहां पर जीएसटी रिटर्न भरने को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया। जहां ट्रेडर्स को रिटर्न भरने को लेकर भी टिप्स दिए गए।
 

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