राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। कांग्रेस में इस समय टिकट के लिए घमासान मचा हुआ है, लेकिन अध्यक्ष सुभाष चावला ने अभी से दावेदारों के सामने हाथ खड़े कर दिए हैं। चावला को भी पता है कि टिकट घोषणा के बाद बवाल होगा। ऐसे में चार दिन वह कांग्रेस भवन में भी नहीं आए। वह इस समय उन दावेदारों से बच रहे हैं जिन्हें टिकट मिलने की उम्मीद नहीं है।

शुक्रवार को चावला जब कांग्रेस भवन में आए तो उन्होंने कई दावेदारों को साफ कह दिया कि अब मेरे हाथ में कुछ नहीं है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट पार्टी और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल को सौंप दी है। ऐसे में टिकट के लिए वह पवन बंसल को ही मिले। इस समय कांग्रेस के नेता आपस में बातचीत करते हुए बंसल को नेता जी कहकर संबोधित कर रहे हैं। इस समय टिकट के लिए चमचागिरी खूब हो रही है। इसलिए कई नेताओं को लगता है कि पार्टी में मेहनत करने वालों को नही बल्कि चमचागिरी करने वालों को टिकट मिलेगी। इस समय पार्टी में बंसल के साथ साथ उनके बेटे मनीष बंसल का भी कद बढ़ गया है। पार्टी के कई सीनियर नेता भी अपने पोस्टर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ मनीष बंसल की तस्वीर लगा रहे हैं। जबकि मनीष बंसल के पास पार्टी को कोई पद नहीं है।

तावड़े पहुंचे गोल गप्पे खाने

नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने चंडीगढ़ में ही डेरा डाल हुए हैं। वह कार्यकर्ताओं के साथ पूरी तरह घुलमिल गए हैं। ऐसे में वह कार्यकर्ताओं को खुश करने के लिए उनके साथ खाना- पीने भी चले जाते हैं। हाल ही में चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सेक्टर-34 में गोल गप्पे खाने पहुंचे, जबकि उस समय एक पार्टी की बैठक थी। अध्यक्ष सूद ने पूछा तो पता चला कि तावड़े गोल गप्पे खाने गए हुए हैं। तावड़े इस समय सीनियर नेताओं की गुटबाजी भी खत्म करने लगे हुए हैं, लेकिन वह यहां के सीनियर नेताओं को समय समय पर कार्यकर्ताओं को संबोधन करते हुए जवाब भी दे देते हैं। हाल ही में हुए अपने संबोधन में विनोद तावड़े ने कहा कि पार्टी का कोई भी सीनियर नेता अगर यह कहता है कि वह किसी को टिकट दिलवा देगा या कटवा देगा तो वह झूठ बोल रहा है। इस समय कई नेता अपने समर्थकों को टिकट दिलवाने का लॉलीपोप भी दे रहे हैं। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता भी तावड़े की सक्रियता देखकर खुश हैं क्योंकि कांग्रेस के पार्टी प्रभारी ने तो अभी तक उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक भी नहीं की है।

जेल में लगवाया टीवी

हर बार चुनाव नजदीक होने पर आम आदमी पार्टी के नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन खूब सक्रिय हो जाते हैं। इस समय भी पार्टी के कई दावेदार टिकट के लिए उनकी सेक्टर-9 कोठी के चक्कर काट रहे हैं। असल में धवन का स्वभाव भी मिलनसार है। हर कोई बेधड़क गेट से सीधा उनके कमरे में पहुंच जाता है। घर पर आने वाले किसी को भी रोका नहीं जाता है जबकि शहर के अन्य किसी भी दल के सीनियर नेता के घर पर ऐसी सुविधा हासिल नहीं है। ऐसे में धवन के घर पर हर दिन चाय की चुस्की के साथ उनके समर्थक धवन के 32 साल पहले मंत्री के कार्यकाल के मामले उठाकर खूब स्वाद ले रहे हैं। हाल ही में मोहम्मद सलीम ने धवन द्वारा अपने कार्यकाल में जेल भरो आंदोलन की बात छेड़ दी। जिस पर सलीम ने बताया कि किस तरह से धवन ने जेल में बी कैटेगरी की सुविधा न लेकर कार्यकर्ताओं के साथ ही जमीन पर सोए। सलीम ने हाल ही में कांग्रेस के सचिव पद पर इस्तीफा दिया है। गपशप करते हुए धवन ने भी जेल भरो आंदोलन के समय की एक बात बताई कि वह जब जेल से छूट रहे थे तो जेलर ने कैदियों के लिए उस समय टीवी की मांग की थी, जिस पर उन्होंने अपने जेब से खर्चा करके जेल में टीवी लगवाया।

आप में भी गुटबाजी हावी

गुटबाजी की बीमारी अन्य दलों की तरह आम आदमी पार्टी में लग गई है। इस समय अपने अपने करीबियों को टिकट के लिए नेताओं में खींचातान हावी है। चुनाव प्रचार के चेयरमैन चंद्रमुखी शर्मा पिछले दस दिन से आप के किसी कार्यक्रम में भाग नहीं ले रहे हैं। यह बात भी खूब चर्चा में हैं। जबकि पार्टी से जुड़े पुराने नेता प्रदीप छाबड़ा और हरमाेहन धवन की कारगुजारी पर सवाल उठा रहे हैं। आप के पूर्व उपाध्यक्ष योगेंद्र सोनी ने हाल ही में इन दोनो नेताओं को टागरेट करते हुए  सोशल मीडिया पर लिखा कि आज एक महाशय हैं जो पार्टी को एक लाख 8 हजार से 13 हजार लाने वाले, दूसरे महाशय पार्टी अध्यक्ष रहते हुए अपनी पार्टी को चार सीट तक लाने वाले वे ज्ञान दे रहे हैं। ऐसे में आप की गुटबाजी का कांग्रेस के नेता खूब मजा ले रहे हैं। कांग्रेस नेता गपशप करते हुए कह रहे हैं कि आप के कई नेता कांग्रेस में आने के लिए तैयार हैं लेकिन वह टिकट की मांग कर रहे हैं। ऐसे में टिकट आवंटन के बाद इन नेताओं को पार्टी में शामिल करवाया जाएगा।

Edited By: Ankesh Thakur