चंडीगढ़, जेएनएन। लॉकडाउन की अवधि बढ़ने के बाद शहर में फंसे दूसरे राज्य के लोगों को घर भेजने का सिलसिला शुरू हुआ है। इस कड़ी में सोमवार को उत्तराखंड के लोगों को घर भेजा गया। 116 बसों में करीब तीन हजार लोगों को फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए बसों में बैठाया गया। आइटी पार्क से घर से अपने घर रानीखेत जाने वाली शिवानी नेगी ने बताया कि वह चंडीगढ़ अपने रिश्तेदार के यहां आई थी। लेकिन अचानक लॉकडाउन का फैसला ले लिया गया। वह करीब डेढ़ माह से यहां फंसी हुई थी। अब घर जा रही हूं। लोहाघाट निवासी महेंद्र भट्ट ने कहा कि वह चंडीगढ़ में एक निजी होटल के शैफ का कार्य करते हैं।

लॉकडाउन होने के बाद से वह यहां फंसे हुए थे। नौ जगहों से घर भेजे गए लोग शहर में नौ जगहों से लोगों को घर भेजने का प्रबंध किया गया था। इन सभी नौ जगहों पर उत्तराखंडी लोगों द्वारा फिजिकल डिस्टें¨सग की मिशाल पेश की गई। लोगों ने फिजिकल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए स्वयं ही एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखी। उत्तराखंड की संस्थाए भी आई आगे शहर में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा लोग उत्तराखंड से हैं। इन लोगों को घर भेजने के लिए शहर में करीब नौ जगहों पर प्रबंध किया गया था। इसके साथ ही लोगों को सही सलामत घर भेजने के लिए उत्तराखंड की कई संस्थाएं भी इस कार्य में लगी रही। दोपहर बाद शहर में उत्तराखंड बसों के आने का सिलसिला शुरू हुआ।

देर रात तक गई बसें गढ़वाल सभा के प्रधान विक्रम सिंह बिस्ट ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने बसों को रात में भी चलने की परमिशन दी है। जिसके बाद लोगों को बिना किसी परेशानी के रात के समय में भी घर भेजा गया। कुमाऊं सभी के प्रधान बचन सिंह नगरकोटि ने बताया कि बसों में भी फिजिकल डिस्टें¨सग का ध्यान रखा गया था जिसके बाद एक बस में करीब 25 से 27 लोगों को बैठाया गया। इन सेक्टरों से रवाना हुई बसें उत्तराखंड की बसों के लिए यूटी प्रशासन की ओर से नौ सेक्टरों में व्यवस्था की गई थी। इनमें सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में 8, सेक्टर-17 में चार, सेक्टर-8 गुरुद्वारा के पीछे ग्राउंड में आठ, कम्युनिटी सेंटर में छह, शिवालिक गार्डन मनीमाजरा में 12, इन्फोसिस बिल्डिंग के पास मैदान में 10, सेक्टर-34 मेला ग्राउंड में 20, सेक्टर-43 बस अड्डा में आठ और सेक्टर-40 मिनी मैदान में 12 बसें पहुंची।

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