जासं, चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस के तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के फर्जी हस्ताक्षर कर 11 पुलिसकर्मियों की प्रमोशन लिस्ट जारी करने के मामले में गिरफ्तार सब इंस्पेक्टर हरविदर सिंह से एसआइटी ने बुधवार को तीन घंटे पूछताछ की। पुलिस ने आरोपित से फर्जी पदोन्नति और भर्ती को लेकर सवाल-जवाब किए। आरोपित हरविदर पंजाब पुलिस में लोकल रैंक एएसआइ से एसआइ बनाया गया था। एसआइटी अब आरोपित को वीरवार को जिला अदालत में पेश करेगी। पूछताछ में प्राप्त जानकारी का पूरा विवरण कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार एसआइ हरविदर सिंह के बेटे सहित एक पूर्व आइपीएस अधिकारी के बेटे को फर्जी हस्ताक्षर पर भर्ती करने की बात जांच में उजागर हो चुकी है। इसके बाद से हरविदर का बेटा भी फरार चल रहा है। फर्जी सूची जारी करने में हरविदर की अहम भूमिका पुलिस बता रही है। हरविदर की निशानदेही पर पुलिस सुबूत जुटाने के साथ दो फरार चलने वाले आरोपित एसआइ सतिदर सिंह और लोकल रैंक कांस्टेबल संजीव की तलाश जारी हैं। आठ जनवरी 2022 को तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के फर्जी हस्ताक्षर कर 11 पुलिसकर्मियों की प्रमोशन लिस्ट हुई थी जारी

आठ जनवरी 2022 को आचार संहिता लागू होने से कुछ देर पहले ही पंजाब पुलिस की ओर से 11 पुलिस कर्मियों की प्रमोशन लिस्ट जारी हुई थी। इसमें सब इंस्पेक्टर, एएसआइ असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, सीनियर कांस्टेबल और कांस्टेबल रैंक के कर्मचारियों के नाम थे। तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को जैसे ही सूची जारी होने की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल उसकी प्रति मंगवाई। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देते हुए बताया कि उन्होंने ऐसी किसी भी सूची पर कोई हस्ताक्षर नहीं किए हैं और न किसी को प्रमोट किया है। इसके बाद चंडीगढ़ स्थित पंजाब पुलिस मुख्यालय में तैनात डीएसपी की शिकायत एसएसपी कुलदीप चहल के निर्देशानुसार तत्कालीन एसपी सिटी केतन बंसल के सुपरविजन में एसआइटी गठित कर कार्रवाई की थी।

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