जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। छह साल पहले जिम में घुसकर जिम ट्रेनर के पेट में दो गोलियां मारने वाले तीन दोषियों को कोर्ट ने सात-सात साल की सजा सुनाई है। गैंगस्टर गगनदीप, मुनीष उर्फ मनी और परिक्षित सचदेवा को हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत सजा सुनाई गई है। एडीजे अंशु शुक्ला की कोर्ट में इन तीनों आरोपितों को पेश किया गया। जज ने गगनदीप और मनीष उर्फ मनी पर हत्या का प्रयास के लिए सात साल की सजा सुनाई और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54, 59 के तहत तीन साल की सजा सुनाई। वहीं हत्या के आरोप में सभी पर 50 हजार रुपये और आर्म्स एक्ट में 10 हजार जुर्माना लगाया गया। जुर्माना राशि जमा न करने पर एक साल की सजा और बढ़ जाएगी। 

वहीं तीसरे आरोपित परिक्षित सचदेवा को भी सात साल की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर सजा में एक साल की बढ़ोतरी होगी। कोर्ट में तीनों दोषियों की सजा को कम करने की दलील दी गई लेकिन जज ने दलील खारिज कर दी गई। जज ने कहा कि हत्या और गैर कानूनी ढंग से हथियार रखने जैसे गंभीर जुर्म में कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। गगनदीप गैंगस्टर है और उसने गैर कानूनी ढंग से अपने पास हथियार भी रखे हैं ऐसे में सजा जरूरी है।

यह था मामला

साल 2016 में जीरकपुर निवासी अमित ने पर सेक्टर-26 पुलिस थाने में शिकायत दी थी। उसने बताया था कि वह सेक्टर-26 स्थित फ्लैक्स जिम में बतौर ट्रेनर है। घटना वाले दिन सुबह साढ़े दस बजे वह जिम पहुंचा था। गगनदीप के साथ मुनीष उर्फ मनी और परिक्षित सचदेवा तीनों जिम में आए। तीनों के पास हथियार थे। पहले तीनाें उसके साथ बहस करने लगे और कहने लगे तुझे और तेरे दोस्त अमित शर्मा को देख लेंगे। इतना कहते ही गगनदीप ने पिस्टल निकाल उनके पेट में दो गोलियां दाग दी। फायर करने के बाद तीनों आरोपित मौके से फरार हो गए थे।

Edited By: Ankesh Thakur