राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में लोगों को मुफ्त रेत का वादा करने के बाद पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट में कहा कि रेत को मुफ्त करने की ऐसी कोई नीति नहीं है न ही किसी ठेकेदार का टेंडर रद किया जाएगा। हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को इस बारे में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

याचिका दाखिल करते हुए ठेकेदारों की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया कि चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई में बनी सरकार ने पंजाब में लोगों को मुफ्त रेत देने का निर्णय लिया है। सरकार जल्द ही इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। याचिकाकर्ता ने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो उनके टेंडर रद हो जाएंगे तथा उन्हें करोड़ों का नुकसान होगा। इसके साथ ही बेरोकटोक खनन के कारण पर्यावरण को बेहद नुकसान होगा। जिसकी पूर्ति नहीं की जा सकेगी।

याचिकाकर्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव सर पर हैं और इस प्रकार का निर्णय सीधे तौर पर राजनीतिक लाभ लेने के लिए लिया गया है। याचिकाकर्ता ने अपील की कि सरकार को ऐसा कोई भी निर्णय लेने से रोका जाए। इस पर पंजाब सरकार ने कहा कि वर्तमान में ऐसी कोई नीति मौजूद नहीं है और न ही कोई टेंडर रद किया जा रहा है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस पर पंजाब सरकार को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

बता दें कि 21 सितंबर को पंजाब कैबिनेट की पहली बैठक करते मंत्रिमंडल ने विचार किया था कि ठेकेदारी सिस्टम को खत्म करने के लिए जमीन मालिकों को अपनी जमीन में से मुफ्त रेत निकालने की अनुमति दी जाएगी। इस प्रणाली से कोई भी जमीन मालिक अपनी जमीन में से रेत निकाल सकेगा, जिससे उपभोक्ताओं को वाजिब कीमतों पर रेत मुहैया होने को यकीनी बनाया जा सकेगा। सरकार के इस फैसले से जमीन मालिक खुश थे। साथ ही उम्मीद जताई जा रही थी अब रेत माफियाओं को शिकंजा कसेगा।

 

Edited By: Kamlesh Bhatt