चंडीगढ़ में नशा मुक्ति कार्यक्रम ने बढ़ाई सियासी हलचल, सैकड़ों युवाओं की भागीदारी बनी चर्चा का विषय
चंडीगढ़ में नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा महामंत्री संजीव राणा द्वारा आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम में सैकड़ों युवाओं की भागीदारी ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
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चंडीगढ़ में नशा मुक्ति कार्यक्रम ने बढ़ाई सियासी हलचल। फोटो जागरण
HighLights
चंडीगढ़ में नशा मुक्ति कार्यक्रम में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया।
नगर निगम चुनाव से पहले कार्यक्रम ने राजनीतिक चर्चाएं तेज कीं।
संजीव राणा ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नगर निगम चुनाव से पहले सेक्टर-17 प्लाजा में आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम ने शहर की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा महामंत्री संजीव राणा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।
नशे के खिलाफ आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं की बड़ी भागीदारी ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। चुनाव से पहले किसी सामाजिक अभियान में युवाओं की इतनी बड़ी मौजूदगी को लेकर शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना और नशा मुक्त समाज के निर्माण का संदेश देना था। मंच से वक्ताओं ने युवाओं से नशे से दूरी बनाने और अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा तथा रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी ने आयोजकों का उत्साह भी बढ़ाया।
कार्यक्रम को लेकर भाजपा के भीतर भी चर्चा होने की बात सामने आ रही है। खास बात यह रही कि भाजपा के कई नेता इस आयोजन से दूरी बनाए हुए दिखाई दिए। इसके बावजूद कार्यक्रम में युवाओं की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया। नगर निगम चुनाव नजदीक होने के कारण शहर में युवाओं से जुड़े मुद्दों और उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
खिलाड़ियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया समर्थन
नशा मुक्ति अभियान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके कई खिलाड़ियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन भी मिला। खिलाड़ियों ने युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों से जुड़ने का संदेश दिया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी नशे के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आयोजक संजीव राणा की ओर से कहा गया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक संस्था या राजनीतिक दल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को इसमें भागीदारी करनी होगी। खासकर युवाओं को इस अभियान का हिस्सा बनाकर नशे के खिलाफ मजबूत वातावरण तैयार किया जा सकता है।
सेक्टर-17 प्लाजा में जुटी युवाओं की भीड़ के बाद अब इस कार्यक्रम को लेकर शहर के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा बनी हुई है। हालांकि आयोजकों ने कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से जुड़ा अभियान बताया है, लेकिन नगर निगम चुनाव से पहले हुए इस आयोजन में युवाओं की भागीदारी ने इसे राजनीतिक रूप से भी चर्चा में ला दिया है।
