चंडीगढ़, जेएनएन। चंडीगढ़ के इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट का कारपोरेशन बनाने के लिए यूटी प्रशासन ने टेंडर जारी कर रखा है। इस टेंडर में चार कंपनियों ने आवेदन किया है। अब इसमें जिस कंपनी ने सबसे कम रेट दिया होगा, उसे फाइनेंशियल बिड के बाद काम सौंप दिया जाएगा। डिपार्टमेंट को कारपोरेशन बनाने से पहले कंसलटेंट रखा जाना है। यही कंसलटेंट रखने के लिए ही प्रशासन ने टेंडर जारी किया है। अब इसकी टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड खुलनी हैं। चार कंपनियों में से किसी एक का चयन होगा। कंसलटेंट ही इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट को कारपोरेशन में तब्दील करने का खाका तैयार करेगा। कारपोरेशन में किसी क्या जिम्मेदारी होगी। इंप्लाइज को किस आधार पर शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही कारपोरेशन को चलाने के लिए नियम को कायदे और अन्य सुझाव भी कंपनी देगी। इसके पीछे मंशा यह है कि निगम स्तर से होने वाले कार्य और बेहतर तरीके से हों।

 

प्रशासक चाहते हैं कारपोरेशन बनाना

यूटी के इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर कारपोरेशन बनाना चाहते हैं। उनकी मंजूरी के बाद प्रशासन ने टेंडर जारी कर रखा है। हालांकि पहले इसका पूरी तरह से प्राइवेटाइजेशन करने की बात हो रही थी। लेकिन अब इसे निगम में बदला जाएगा। डिपार्टमेंट में करीब एक हजार इंप्लाइज और फील्ड स्टाफ काम करता है। इस पूरे स्टाफ को भी निगम में शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि यूटी इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट घाटे के बजाय मुनाफे में चल रहा है। पिछले वित्त वर्ष में डिपार्टमेंट को 200 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। इसको देखते हुए इंप्लाइज इसको कारपोरेशन बनाने का विरोध कर रहे हैं।

 

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Posted By: Vikas Kumar

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