टैक्सी ड्राइवर मोनू नशे व अपराध की प्रवृत्ति से बना हैवान, 21 वर्षीय छात्रा पर रहम आया न 40 से 60 साल की महिला को बख्शा
चंडीगढ़ में टैक्सी ड्राइवर मोनू कुमार ने नशे और अपराध के चलते मानवता को शर्मसार किया। उसने 21 वर्षीय छात्रा और 40 से 60 वर्ष की महिलाओं को भी नहीं बख्शा। तीन हत्याएं कर चुके इस सीरियल किलर को एमबीए की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या केस में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

एमबीए की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या केस में सीरियल किलर को सुनाई गई है उम्रकैद की सजा।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। टैक्सी ड्राइवर मोनू कुमार। नशे और अपराध की प्रवृत्ति ने उसे हैवान बना दिया। उकी हैवानियत ने चंडीगढ़ को हिलाकर रख दिया। इस सीरियल किलर ने 21 वर्षीय छात्रा पर रहम आया न 40 और 60 वर्षीय महिला पर।
एक ही तरीके से तीन हत्याएं की। सभी को अकेला देखकर निशाना बनाया। सुनसान इलाके में ले जाता, उन पर हमला करता, गला घोंटता और फिर झाड़ियों में शव फेंक देता। तीनों मामलों में डीएनए मिला, जो एक ही व्यक्ति का था।
दो वारदातों में दुष्कर्म और एक में लूट का खुलासा हुआ था। 15 साल पहले एमबीए छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या केस में इस सीरियल किलर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है और जल्द ही दूसरे मामले में भी फैसला आ सकता है।
शाहपुर कॉलोनी की झुग्गी में रहता था
मोनू की उम्र 38 साल है और शाहपुर काॅलोनी में एक झुग्गी में रहता था। उसका परिवार बिहार में रहता है। वह नशे का आदी है। चंडीगढ़ में भी वह चोरी की कई वारदातों को अंजाम दे चुका था। उस पर कई केस दर्ज थे इसलिए वह बचने के बिहार भाग जाता था।
मोबाइल फोन रखता न बैंक खाता था
वह इतना शातिर था कि अपने पास मोबाइल भी नहीं रखता था और न ही उसका कोई बैंक खाता था। इसलिए पुलिस के लिए उसे पकड़ना बेहद मुश्किल था। उसकी नशे की लत और अपराध करने की प्रवृत्ति उसे और भी खतरनाक बनाती थी।
एक के बाद एक, ऐसे दिया वारदातों को अंजाम
पहली वारदात : मोनू कुमार ने 2010 में एमबीए छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या की। छात्रा शाम 6 बजे एक्टिवा पर सेक्टर-15 में इंग्लिश स्पीकिंग क्लास के लिए घर से निकली थी। रात 9 बजे तक घर नहीं लौटी। खोजबीन के दौरान घरवालों को छात्रा की एक्टिवा सेक्टर-38 वेस्ट के टैक्सी स्टैंड के पास मिली थी और उस पर खून के निशान थे। सड़क के दूसरी ओर झाड़ियों में छात्रा अर्धनग्न अवस्था में खून से सनी पड़ी थी।
दूसरी वारदात: एक ऑटो चालक ने मलोया थाना पुलिस को अपनी पत्नी के गुम होने की शिकायत दी थी। 11 जनवरी 2022 की रात उसकी 40 वर्षीय पत्नी बाजार गई थी लेकिन काफी देर तक नहीं लौटी। अगले दिन घर से कुछ दूर ही उसकी पत्नी का शव मिला। पुलिस ने जांच शुरू की, हत्यारे का कुछ पता नहीं चला। जांच में पुलिस को दुष्कर्म के बाद हत्या के सबूत मिले थे।
तीसरी वारदात: 28 फरवरी 2024 को सेक्टर-54 स्थित सरकारी स्कूल के पास जंगल में 60 वर्षीय महिला का शव मिला था। वह दो माह पहले यूपी के बस्ती जिले से आई थी और मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। 27 फरवरी 2024 की शाम वह घर से लापता हो गई थी और अगले दिन उसकी हत्या कर दी गई। उसके सिर पर जोरदार वार किया गया था।
ऐसे कबूली वारदातें
पुलिस ने जब मोनू को पकड़ा तो उसने बताया कि उसने लूट के इरादे से शनिचरी देवी की हत्या की थी। उसने हत्या के बाद शनिचरी देवी की चांदी की पायल लूट ली थी। इसी दौरान उसने एमबीए छात्रा और मलोया में महिला की दुष्कर्म हत्या की वारदात कबूल की थी।

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