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चंडीगढ़ [डॉ सुमित सिंह श्योराण]। देश की पहली महिला विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार देर रात निधन होने पर पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में भी मायूसी छा गई। भारतीय राजनीति में खास मुकाम हासिल करने वाली सुषमा स्वराज ने राजनीति की शुरुआत पीयू कैंपस से ही की थी। वह यूनिवर्सिटी के दिनों से ही एक शानदार वक्ता रहीं। इस खासियत के उनके राजनीति प्रतिद्वंद्वी भी कायल थे। सुषमा स्वराज ने पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ लॉ से डिग्री हासिल करने के बाद ही राजनीति में कदम रखा और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

सुषमा ने पीयू में पढ़ाई के दौरान कभी छात्र संघ चुनाव तो नहीं लड़ा, लेकिन वह युवा नेताओं की कतार में सबसे आगे रहीं। पीयू कैंपस में सुषमा स्वराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से लंबे समय तक जुड़ी रहीं। कैंपस में विद्यार्थी परिषद को स्थापित करने में सुषमा स्वराज का अहम योगदान रहा। उन्होंने साल 1977 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा। पीयू की इस छात्रा को दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने का भी सौभाग्य मिला। वैसे तो पीयू से निकल कर राजनीति में कदम रखने वालों में कई बड़े नाम शामिल है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह से लेकर राजीव प्रताप रूड़ी, पवन कुमार बंसल भी हैं। मगर लेकिन महिलाओं की बात की जाए तो सुषमा स्वराज ही राजनीति में ऊंचे पायदान तक पहुंची।

सुषमा स्वराज एक सर्वमान्य नेता थीं : दिनेश चौहान

पीयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता रहे दिनेश चौहान ने कहा कि सुषमा स्वराज का जाना बहुत दुखद है। वह बहुत ही सुलझी हुई और सर्वमान्य नेता रही हैं युवाओं के लिए सुषमा जी हमेशा रोल मॉडल रहेंगी।

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सुषमा स्वराज को पीयू की तस्वीरें भेंट करते प्रोफेसर गुरमीत सिंह।

तस्वीरों को देख कहा था- पीयू के दिनों को कभी नहीं भूल सकती

सुषमा स्वराज पीयू कैंपस में रहते हुए भाषण प्रतियोगिताओं में काफी उत्साह के साथ हिस्सा लेती थीं। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में ढेरों पुरस्कार जीते। एक साल पहले जब पंजाब यूनिवर्सिटी के हिंदी विभागाध्यक्ष के प्रोफेसर गुरमीत सिंह और स्टूडेंट्स पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने दिल्ली गए थे तब उन्होंने सुषमा स्वराज को उनसे जुड़ी 50 साल पुरानी दो तस्वीरें भेंट की गईं। जिन्हें देखकर सुषमा काफी भावुक हो गईं।

प्रोफेसर गुरमीत ने बताया कि यह तस्वीर विभाग द्वारा पीयू में प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाने वाली एसी बाली और केके ग्रोवर भाषण प्रतियोगिता से जुड़ी थी। वर्षों पहले सुषमा स्वराज इस प्रतियोगिता की विजेता रही थीं। डॉक्टर गुरमीत ने बताया कि विभाग के विद्यार्थियों द्वारा पुस्तकालय का पुन: नियोजित करते समय यह पुरानी फोटो उन्हें मिली। जिन्हें ठीक करवाकर सुषमा स्वराज को दिल्ली में भेंट किया गया। सुषमा स्वराज यह फोटो को देख धन्यवाद भी किया और पंजाब यूनिवर्सिटी केंपस से जुड़ी पुरानी यादों को सभी के साथ साझा किया। उन्होंने कहा था कि वह पीयू के दिनों को कभी नहीं भूल सकतीं।

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Posted By: Vikas Kumar

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