संवाद सहयोगी, जीरकपुर : जिला प्रशासन की ओर से स्वास्तिक नर्सिग होम में औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आने पर डीसी ईशा कालिया के निर्देश पर अस्पताल को सील कर दिया गया है। यह अस्पताल गाजीपुर रोड पर स्थित है।

एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि इस क्लीनिक में इलाज के बहाने गैर कानूनी गतिविधियां चल रही हैं। इसकी जांच के लिए उनके अलावा मेडिकल आफिसर डा. महिताब, एमसी इंस्पेक्टर जीरकपुर ऋषभ व एएसआइ बरिदर सिंह की एक टीम बनाई गई। उन्होंने बताया कि जब टीम ने औचक निरीक्षण किया तो वहां गैरकानूनी कार्रवाई चलती पाई गई। मौके पर एक अटेंडेंट जिसने अपना नाम अजिदरपाल सिंह बताया मरीजों का डाक्टर के तौर पर इलाज करता मिला। उसके पास सिर्फ ट्रेनी फार्मासिस्ट के पेपर मिले जिसकी वैधता 31 जुलाई 2020 तक थी।

जांच में सामने आया कि डा. प्रगति इस अस्पताल को चला रही हैं। उनकी ड्यूटी शाम को शुरू होती है, लेकिन उनके दस्तावेजों से यह तथ्य स्थापित नहीं हुआ कि वह एक योग्यता प्राप्त डाक्टर है। डा. प्रगति के सिर्फ आयुर्वेदिक डाक्टर होने के दस्तावेज मिले हैं। टीम को अस्पताल से जाली स्टैंप भी मिली है जिसमें डा. प्रगति को एमडी दर्शाया गया है।

एसडीएम ने कहा कि टीम को अस्पताल से प्रतिबंधित दवा ट्रैमाडोल भी मिली, जो आम तौर पर एक दर्द निवारक के तौर पर इस्तेमाल की जाती है। यह दवाई बहुत ज्यादा तेज दर्ज के इलाज के लिए ली जाती है और यह दवा सिर्फ एक योग्यता प्राप्त डाक्टर की राय पर ही दी जाती है। आम तौर पर इसका इस्तेमाल नशे के लिए होता है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अस्पताल के प्रबंधकों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने के लिए पुलिस को शिकायत कर दी है और कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन मोहाली को भी लिखा जा चुका है। डीसी मोहाली ने कहा कि इलाज के नाम पर जो मरीजों के साथ धोखा करते पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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