चंडीगढ़, जेएनएन। HCS Paper Leak Case:हरियाणा सिविल सर्विसेज (ज्यूडिशियल) पेपर लीक मामले में आरोप तय होने के बाद इस केस के एक आरोपित सुनील चोपड़ा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूटी पुलिस से जवाब तलब किया है।

आरोपित सुनील चोपडा ने हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने जिला अदालत को मामले की रोजाना सुनवाई कर तीन हफ्ते में आरोप तय करने के लिए कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने यूटी पुलिस को नोटिस जारी कर 24 फरवरी तक जवाब दायर करने को कहा है।

याचिकाकर्ता के वकील मलकीत जंडियाला का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है, ऐसे में सवाल है कि हाई कोर्ट भी कैसे इस तरह के ऑर्डर जारी कर सकता है। बताया कि यह तो याची का अधिकार है कि उसके खिलाफ जो केस लंबित है, पहले उसकी सही ढंग से जांच हो।मामले में जिला अदालत ने सुनवाई कर बीते 31 जनवरी को सभी आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए थे। मामले में कुल नौ आरोपित हैं।

यह था मामला

पिंजौर निवासी सुमन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर एचसीएस ज्यूडिशियल का पेपर डेढ़ करोड़ रुपये में बिकने और इसके लिए उसे भी पेशकश की बात कही थी। सुमन ने अपनी कोचिंग क्लास की साथी सुशीला से लेक्चर की ऑडियो क्लिप मंगाई थी, लेकिन उसने गलती से मामले से संबंधित सुनीता से हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप भेज दी। इसमें पेपर में आने वाले प्रश्नों पर हुई बातचीत रिकॉर्ड थी।

सुनीता के फाेन पर कई बार बात

सुमन की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अपने स्तर पर जांच की। इसमें पाया कि हाई कोर्ट के ही रिक्रूटमेंट सेल के इंचार्ज रजिस्ट्रार बलविंदर शर्मा के मोबाइल फोन से सुनीता के फोन पर साल भर में सैकड़ों बार बात हुई है और सुनीता ही परीक्षा में टॉपर रही थी।

सुशीला नाम की दूसरी लड़की रिजर्व कैटेगरी की टॉपर बनी थी। मामले की जब जांच की तो एसआइटी ने बल¨वदर शर्मा, सुशीला, सुनील चोपड़ा, सुनीता और उसके भाई कुलदीप के अलावा आयुषी, आयुषी के मामा सुशील भादू और पिता सुभाष गोदारा को गिरफ्तार किया था।

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