राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब कांग्रेस के नेता सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ 2017 फाजिल्का ड्रग तस्करी रैकेट मामले में मनी लांड्रिंग को लेकर केस दर्ज किया है। ईडी ने आरोप पत्र में कहा कि खैहरा ने नशा तस्करों से आर्थिक लाभ लिया है। मनी लांड्रिंग एक्ट (Money Laundering Act PMLA) के तहत गुरदेव सिंह को भी आरोपित बनाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक ईडी ने पाया है कि खैहरा ने पिछले कुछ वर्षों में अपने और अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में पर्याप्त नकदी जमा की। यह नकदी कहां से आई इस बारे में वह पूछताछ में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बता सके। चार्जशीट में कहा गया है कि 2014 से 2020 के बीच खैहरा ने अपने और परिवार के सदस्यों पर 6.5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। इस अवधि के दौरान उनकी आय 3 करोड़ रुपये से कम थी, लेकिन खर्च 3.5 करोड़ रुपये से अधिक था।

ईडी सूत्रों के मुताबिक खैहरा के खिलाफ जांचकर्ताओं के पास पर्याप्त सुबूत हैं। इनसे साबित होता है कि खैहरा ने मादक पदार्थों के तस्करों से मिले हुए थे और उनसे वित्तीय लाभ लिया गया। कांग्रेस विधायक खैहरा को सेंट्रल एंटी मनी लांड्रिंग एजेंसी ने 11 नवंबर को मादक पदार्थों के तस्करों और फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले जालसाजों से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय खैहरा ने किसी भी गलत काम से इन्कार किया और कहा कि उन्हें केंद्रीय एजेंसियों द्वारा उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि वह केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ मुखर रहे हैं।

बता दें, सुखपाल सिंह खैहरा पंजाब के तेजतर्रार नेताओं में माने जाते हैं। खैहरा पिछले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में थे, लेकिन ठीक चुनाव से कुछ समय पहले वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए और भुलल्थ से विधायक चुने गए। आम आदमी पार्टी ने खैहरा को नेता प्रतिपक्ष बनाया, लेकिन बाद में उन्हें इस पद से हटा दिया गया। इससे नाराज खैहरा ने आप छोड़ दी और अपना अलग दल बना दिया। लेकिन, कुछ माह पूर्व वह तत्कालीन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कांग्रेस ने अभी उन्हें भुलत्थ विधानसभा सीट से मैदान में उतारा है। 

Edited By: Kamlesh Bhatt