संवाद सहयोगी, कुराली : रयात बाहरा यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिग स्टूडेंट्स ने प्लास्टिक वेस्ट से फ्लोर टाइल्स बनाकर नई उपलब्धि हासिल की है। इस टेक्नीक को सफल बनाने वाले चार स्टूडेंट्स साहिल, ऋतिक, शुभम और विकास ने बताया कि यूनिवर्सिटी को सिगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने के उद्देश्य से उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट से टाइल बनाने की प्रक्रिया पर काम करने से लगभग एक महीना पहले उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट एकत्र करना शुरू कर दिया था। टाइल में 3.5 टन वजन सहने की क्षमता साहिल का कहना था कि प्लास्टिक वेस्ट से फ्लोर टाइल्स बनाने का विचार उन्हें प्रोजेक्ट गाइड और विभाग के प्रमुख इंजीनियर अभिनव ए त्रिपाठी से मिला। प्लास्टिक वेस्ट से तैयार की गई टाइल एंटी स्टैटिक, एंटी बैक्टीरियल तथा एंटी माइक्रोबॉइल होने के साथ इनका वजन सहने की क्षमता 3.5 टन है। टाइल्स 110 डिग्री टेंपरेचर तक बरकरार रख सकते हैं और टाइल को दो दिन तक पानी में रखने के साथ भी इसके आकार या भार में कोई परिवर्तन न होने के साथ खराब होने पर रिसाइकल भी किया जा सकेगा।

सीमेंट टाइल्स से सस्ती है यह टाइल

स्टूडेंट्स के अनुसार उनकी बनाई टाइल्स सीमेंट वाली फ्लोर टाइल्स की अपेक्षा सस्ती है। क्योंकि इनके निर्माण के लिए सिर्फ प्लास्टिक वेस्ट जैसे कि शैंपू की प्लास्टिक बोतलें, दूध की थैलियां, टूटे प्लास्टिक कप, नॉन कार्बोनेटिड पेयजल की बोतलों का प्रयोग ही किया जाता है। चांसलर ने की स्टूडेंट्स की सराहना

आरबीयू के चांसलर गुरविदर सिंह बाहरा ने स्टूडेंट्स को इस नई टेक्नीक पर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्हे पर्यावरण को बचाने के लिए प्लास्टिक वेस्ट के प्रयोग के बाबत समाज को जागरूक करने के लिए भी प्रेरित किया। इस मौके प्रो. वीसी डॉ. मनोज मनूजा ने स्टूडेंट्स के प्रयास की सराहना की और उन्हें प्रोजेक्ट को इंडस्ट्री से प्रमाणित करवाने के लिए कहा।

Posted By: Jagran

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