जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : कोरोना महामारी के चलते इस बार दशहरा का त्योहार पूरी तरह से फीका रहा। लेकिन शहर के सेंट जोसेफ स्कूल सेक्टर-44 की तरफ से खास तरीके से इस पर्व को मनाया गया। ऑनलाइन पढ़ाई की तर्ज पर स्कूल की तरफ से प्राइमरी विंग के स्टूडेंटस को क्राफ्ट मेकिंग का टारगेट दिया गया। स्टूडेंट्स को क्राफ्ट के तौर पर माता सीता, भगवान श्रीराम सहित रामायण के सभी किरदारों के कपडे़ तैयार करने थे। कागज पर दिखाई प्रतिभा स्टूडेंट्स ने स्कूल द्वारा दिए गए टारगेट को बेहतरीन तरीके से पूरा किया। सभी स्टूडेंट ने अपने इच्छा के अनुरूप काम किया और उसे ऑनलाइन ही डिस्प्ले किया। बच्चे के आर्टवर्क को स्कूल टीचर्स ने भी खूब सराहा और आगे भी ऐसे ही काम करने की सलाह बच्चों की दी। इतिहास से जोड़ने के लिए जरुरी एक्टिविटी स्कूल प्रिंसिपल मोनिका अरोड़ा ने बताया कि इस बार कोरोना महामारी के चलते दशहरा नहीं हो सका। जैसे बीते सालों में रावण के बड़े बड़े पुतले जलाए जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा सेलिब्रेशन नहीं हो सका। लेकिन उसका अर्थ यह कभी नही की हम बच्चों को इतिहास से दूर रखें। स्कूल का काम पढ़ाई कराना है। जरूरत के अनुसार उसके तरीकों मे बदलाव जरूर हो रहा है, लेकिन हमें बच्चों को उससे जोड़ना जरुरी है। प्रिंसिपल ने कहा कि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा इतिहास के बारे मे बताना चाहिए क्योंकि यही इतिहास आने वाला भविष्य है। बच्चे इससे ही सीख सकते है। यह बच्चों के लिए भविष्य में भी काम आएगा।

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