जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : ई-संजीवनी के जरिए ओपीडी का लाभ उठाने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है। दूर दराज के इलाके से जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 के स्पेशलिस्ट डाक्टरों से इलाज कराने वाले मरीज अब ई-संजीवनी के जरिए पीजीआइ के सुपर स्पेशलिस्ट से भी सलाह ले सकेंगे। इस सुविधा के जरिए अब शहर के दो बड़े चिकित्सा संस्थानों के डाक्टर या स्पेशलिस्ट अपने मरीज के इलाज में किसी भी प्रकार की चुनौती आने पर अब पीजीआइ के सुपर स्पेशलिस्ट या सीनियर डाक्टर से परामर्श ले सकेंगे। देखने में आया है कि कई बार इलाज के दौरान जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 के डाक्टरों को पीजीआइ के सुपर स्पेशलिस्ट से मुद्दों पर राय लेनी पड़ती है। ताकि मरीज का सही ढंग से इलाज हो सके। पीजीआइ के हर विभाग के सुपर स्पेशलिस्ट करेंगे मदद

ई-संजीवनी के जरिए अब पीजीआइ के हर विभाग के सीनियर डाक्टर या सुपर स्पेशलिस्ट अब जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 के स्पेशलिस्ट डाक्टरों की इलाज में मदद करेंगे। यह सुविधा अब नेशनल टेलीकंसल्टेशन के जरिए उपलब्ध होगी। ई-संजीवनी के जरिए जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में रोजाना दो से ढाई हजार मरीजों का इलाज किया जाता है। कोरोना की वजह से बंद पड़ी है फिजिकल ओपीडी

कोरोना की तीसरी लहर की वजह से सभी अस्पतालों में फिजिकल ओपीडी बंद पड़ी है। ई-संजीवनी और टेलीमेडिसिन के जरिए मरीजों का इलाज किया जा रहा है। केवल उन मरीजों को अस्पताल इलाज के लिए बुलाया जा रहा है, जिनका इलाज टेलीकंसल्टेशन के जरिए नहीं हो सकता। इसके लिए ई-संजीवनी और टेलीमेडिसिन पर डाक्टर से संपर्क करने पर जरूरत पड़ने पर मरीज को अस्पताल बुलाया जा रहा है।

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