जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेफ नहीं सिटी ब्यूटीफुल... जी हां ऐसा इसलिए क्योंकि शहर में स्नैचिंग, लूट जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। बीते एक महीने में औसतन एक दिन स्नैचिंग और लूट की दो वारदातें हुई हैं। वहीं, इन दिनों फेस्टिवल सीजन के दौरान स्नेचिंग की वारदातें ज्यादा बढ़ गई हैं। जबकि हर बार त्योहारी सीजन में चंडीगढ़ पुलिस विभाग की तरफ से व्यस्त मार्केट और रिहायशी एरिया में स्नैचिंग पर लगाम लगाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। बावजूद बेखौफ स्नैचर पुलिस की नाक के नीचे वारदात को अंजाम देकर फरार हो जा रहे हैं। वहीं पुलिस विभाग के आला अधिकारी जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार करने का हवाला देकर पल्ला झाड़ते नजर आते हैं।

पिछले एक महीने से औसतन रोजाना दो स्नैचिंग की शिकायतें पुलिस में पहुंच रही हैं। आरोपित व्यस्त मार्केट में खरीदारी करने आई महिलाएं और सुबह-शाम सैर करने वाली बुजुर्ग महिलाओं को ज्यादातर निशाना बना रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि नवरात्र में ही मोबाइल और चन स्नैचिंग की 16 से ज्यादा शिकायतें पुलिस के पास आ चुकी हैं। वहीं, बदमाश रात में सड़क पर अकेले जा रहे व्यक्ति को लुटने से भी गुरेज नहीं करते। रात के वक्त लूट की भी कई घटनाएं शहर में हो चुकी हैं।

पहली वारदात

पहले मामले में सेक्टर-56 के रहने वाले अमरजीत ने बताया कि वह साइकिल से अपने घर की तरफ जा रहा था। इस दौरान चार आरोपितों ने उनका रास्ता रोक लिया। उनमें से दो आरोपितों ने उसका हाथ पकड़ा और एक ने साइकिल पकड़ ली, जबकि चौथे बदमाश ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। जब वह सड़क पर गिरा तो आरोपित उसकी जेब से मोबाइल छीनकर फरार हो गए। आरोपितों में एक ने लाल रंग की शर्ट पहन रखी थी। सभी आरोपितों की उम्र 15 से 20 साल लग रही थी।

दूसरी स्नैचिंग की घटना

जगतपुर के रहने वाले राजेश ने बताया कि सेक्टर-54 एरिया के पास कुछ युवकों ने उनका रास्ता रोक मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आरोपित उसकी जेब से मोबाइल छीनकर फरार हो गए। वहीं इस मामले में सेक्टर-39 थाना प्रभारी अमनजोत सिंह ने बताया कि दोनों शिकायतकर्ता आपस में लड़ पड़े थे। उन्होंने अलग-अलग कॉल कर पुलिस कंट्रोल रूम में मोबाइल छीनने की शिकायत दी थी। हालांकि, बाद में मामला विवादित निकला था।

Edited By: Ankesh Thakur