जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : समय पर इंकम टैक्स नहीं भरने के मामले में एक कारोबारी को 6 महीने की सजा और 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जिला अदालत ने वीरवार को सुनवाई करते हुए 46 लाख रुपये का भुगतान न करने के मामले में सीजेएम अक्षदीप महाजन की कोर्ट ने सिल्वर सिटी और मा‌र्ब्लस कारोबारी हरीश चंद गर्ग को इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 276सी (2) और 277 (3) के तहत यह सुनाई है।

आयकर विभाग की शिकायत के मुताबिक, जीरकपुर के रहने वाले कारोबारी हरीश चंद गर्ग ने वर्ष 2008-09 की 30 सितंबर 2008 में फाइल इनकम टैक्स रिटर्न में 1,54,35,150 रुपये इनकम दिखाई थी। गर्ग पर पर 56 लाख रुपये से अधिक का टैक्स बना था। पर गर्ग ने आयकर विभाग को केवल 10.20 लाख रुपये की आईटीआर भरी थी। हरीश चंद गर्ग ने 46 लाख रुपये जोकि उनकी कुल इंकम पर टैक्स लगना था, उसे आयकर विभाग से छिपाया। इसके बारे में कारोबारी ने आयकर विभाग को कोई सूचना नहीं दी। गर्ग का कहना था कि इस टैक्स का भुगतान कर दिया है। जब आयकर विभाग को इस बारे में पता चला तो उन्होंने कारोबारी हरीश चंद गर्ग को नोटिस देकर पूरा ब्योरा साझा करने को कहा। जब आयकर विभाग ने सर्वे किया तो पता चला कि उनकी कुल आय 2.05 करोड़ रुपये थी। पर लेकिन गर्ग ने आयकर विभाग से रिटर्न भरते समय विभाग ने 1.51 करोड़ रुपये की आय छिपाई थी। इस पर विभाग ने उन्हें नोटिस जारी किया। साथ ही विभाग की ओर से 46 लाख रुपये टैक्स का भुगतान करने की झूठी सूचना देने और 1.51 करोड़ रुपये अतिरिक्त आय छिपाने पर जिला अदालत में गर्ग के खिलाफ मामला दायर किया था। इस पर कोर्ट ने वीरवार को सुनवाई करते हुए 6 महीने सजा और जुर्माना भी लगाया।

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