मोहाली, जेएनएन। Punjab sacrilege cases : बेअदबी मामले में सीबीआइ की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका खारिज होने के बाद बुधवार को इस मामले की सुनवाई सीबीआइ के विशेष जज जीएस सेखों की अदालत में हुई। अदालत में पंजाब सरकार की ओर से गठित एसआइटी के प्रमुख आइजी कुंवर विजय प्रताप सिंह केस की फाइल लेने पहुंचे।

उन्होंने बताया कि अब तक की कार्रवाई से ऐसा प्रतीत होता है कि सीबीआइ मामले के कथित आरोपित व शिकायतकर्ता एक तरफ हैं, जबकि पंजाब दूसरी तरफ खड़ा नजर आ रहा है। उधर, आइजी को उस समय निराशा हाथ लगी, जब सीबीआइ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दोबारा रिव्यू किया जाना है, जिसके लिए 15 दिनों का और समय दिया जाए।

उधर, पंजाब सरकार के जिला अटॉर्नी संजीव बत्रा ने अदालत को बताया कि वह मामले में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पक्ष बनते आ रहे हैं और उन्होंने ही यह मांग की थी कि सीबीआइ मामले की सभी फाइलें व संबंधित दस्तावेज सरकार को सौंपे, ताकि एसआइटी नतीजे तक पहुंचे। उन्होंने एतराज जताया कि मामले में पहले ही बहुत देर हो चुकी है।

 सिंगल बेंच ने खारिज की थी सभी याचिकाएं

श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की सिफारिशों के खिलाफ दायर सभी याचिकाएं जस्टिस राजन गुप्ता की सिंगल बेंच ने गत वर्ष 25 जनवरी को खारिज करते हुए मामलों की जांच कर रही एसआइटी को ही आगे कार्रवाई के आदेश दिए थे।

हाई कोर्ट ने एसआइटी को राजनीतिक, बाहरी और भीतरी दबाव के बिना जांच जल्द से जल्द पूरी करने के आदेश दिए थे। अदालत ने एसआइटी को इस पूरे मामले की जांच में अपनी सभी जांच क्षमताओं, फोरेंसिक मेथड्स और वैज्ञानिक साधनों का उपयोग कर जल्द से जल्द जांच पूरी करने के आदेश दिए थे।

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Posted By: Vipin Kumar

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