चंडीगढ़, शंकर सिंह। चंडीगढ़ हमेशा से मेरे लिए खास रहा है। करनाल से अकसर यहां आता था। यहां संगीत को लेकर काफी जागरूकता है। डिस्को क्लब कल्चर की वजह से यहां पॉप और हिप हॉप बहुत ज्यादा सुना जाता है। ऐसे में अकसर मैं यहां आया करता था। ताकि संगीत के बारे में सीख सकूं। गायक मैलो डी उर्फ अमन सरदाना ने चंडीगढ़ में बिताए अपने अनुभव सांझे किए। इन दिनों मुंबई में स्थापित अमन एक कामयाब गीतकार और गायक हैं। हाल ही में इन्होंने गीत दिल किसको दूं के साथ पहली बार सिंगल ट्रेक रिलीज किया। इससे पहले उन्होंने मोरनी बनके, लाल बिंदी, कोको कोला तू और हौली हौली जैसे गीत लिखे। विशेष कार्य से चंडीगढ़ पहुंचे मैलो ने अपनी गायकी पर बात की।

15 साल की उम्र में ही मुंबई निकल गया था

मैलो ने कहा कि संगीत उन्हें बचपन से पसंद है। उन्हें यह पहले से ही अंदाजा था कि वह गायक बनना चाहते हैं। ऐसे में 15 साल की उम्र में ही मुंबई निकल पड़े। उन्होंने कहा कि परिवार वालों की मेरी गायकी में आने को लेकर सहमति थी। ऐसे में मुंबई के लिए निकल पड़ा। वहां जाकर रियलिटी शो में हिस्सा लिया। दिल है हिंदुस्तानी नाम से इस रियलिटी शो से काफी पहचान मिली। जहां से मुझे कुछ प्रोजेक्ट मिले और फिर टोनी कक्क्ड़ और मीत ब्रदर्स से मुलाकात हुई। इसके बाद कई हिट ट्रैक में काम करने का मौका मिला। मैलो ने कहा कि वह पॉप और हिप हॉप दोनों तरह का संगीत पसंद करते हैं और इसी के सहारे आगे बढ़ना चाहते हैं।

उनका नया गीत दिल किसको दूं में भी उन्होंने पॉप म्यूजिक को रखा है। उन्होंने कहा कि पॉप म्यूजिक से हमारे देश में क्रांति आई, साथ ही देसी हिप हॉप भी काफी सुना जाता है। इस गीत में मेरे साथ आवीरा सिंह मैसन, योगिता बिहानी, देविका सिंह और एमी आएला और अन्य कलाकार भी शामिल हैं। मैलो ने कहा कि लाकडाउन के दौरान वह करनाल में ही रहे। अब दोबारा स्थिति सामान्य हुई है तो चंडीगढ़ और मुंबई निरंतर आता जाता हूं।

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