किशोरियों को स्वस्थ रखने के मिशन पर निकली चंडीगढ़ की नर्सिंग ऑफिसर, 13 राज्यों में तोड़ चुकी सैनिटरी पैड की झिझक
नर्सिंग ऑफिसर सिमरन कौर पिछले पांच वर्षों से 13 राज्यों में किशोरियों और महिलाओं के बीच मासिक धर्म स्वच्छता के ...और पढ़ें

नर्सिंग ऑफिसर सिमरन कौर किशोरियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की अलख जगा रही।
HighLights
सिमरन कौर ने 5 साल से चलाया जागरूकता अभियान।
13 राज्यों में 2000+ महिलाओं को किया जागरूक।
मासिक धर्म स्वच्छता और सैनिटरी पैड पर जोर।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शक्ति की आराधना तभी सार्थक है, जब समाज की हर महिला को सम्मान, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का अधिकार मिले। इसी सोच के साथ चंडीगढ़ की 24 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर सिमरन कौर महिलाओं और किशोरियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की अलख जगा रही हैं।
हाथों में सेनिटरी पैड और मन में बदलाव का संकल्प लेकर निकलीं सिमरन का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों तक सुविधाएं पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना भी है। पिछले पांच वर्षों से वह इस दिशा में लगातार काम कर रही हैं।
चंडीगढ़ से लेकर पंजाब, उत्तराखंड समेत 13 राज्यों तक उनका अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वाभिमान से जुड़ा है। मासिक धर्म आज भी समाज के कई हिस्सों में ऐसा विषय है, जिस पर खुलकर बात करने से लोग कतराते हैं।
जानकारी के अभाव और संसाधनों की कमी के कारण किशोरियों को कई बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सिमरन कौर इसी चुप्पी को तोड़ने के लिए स्कूलों और पिछड़े इलाकों में पहुंचकर किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करती हैं।
वह उन्हें सैनिटरी पैड वितरित करने के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी भी देती हैं। अब तक उनके प्रयासों से दो हजार से अधिक महिलाओं और किशोरियों तक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंच चुका है। उनके लिए यह केवल पैड वितरण का अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं को अपनी सेहत के प्रति जिम्मेदार बनाने की पहल है।
सिमरन कौर कहती हैं कि उनका उद्देश्य सिर्फ सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास जगाना है। शक्ति की पूजा तभी सार्थक है, जब हर महिला और हर दिव्यांगजन को सम्मान और अवसर मिले।
‘मिशन अपर्णा शक्ति’ से मजबूत कर रहीं महिलाओं का आत्मविश्वास
नेशनल वाइस प्रेसिडेंट और एनबीएफ भारत की सह-संस्थापक के रूप में सिमरन कौर अब ‘मिशन अपर्णा शक्ति’ के माध्यम से भी जागरूकता के प्रयासों को आगे बढ़ा रही हैं।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और दिव्यांगजनों को सम्मान, समान अवसर और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करना है। सिमरन का मानना है कि समाज में वास्तविक बदलाव तभी आएगा, जब महिलाओं को अपनी समस्याओं के बारे में बोलने और अपने अधिकारों को समझने का अवसर मिलेगा।
