जेएनएन, चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने लोकसभा चुनाव में मिली हार पर कोर कमेटी की बैठक में मंथन किया। हारने वाले उम्मीदवारों ने अपने हलकों में वोट बैंक बढ़ने पर अपनी पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि पंजाब में मोदी लहर के कारण शिअद-भाजपा का वोट शेयर तो बढ़ा, लेकिन हम सीटों के रूप में इसका फायदा नहीं उठा पाए। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई बैठक में लोकसभा चुनाव लड़ने वाले सभी 10 उम्मीदवारों के अलावा पार्टी के सीनियर नेताओं ने अपने-अपने हलकों की ग्राउंड रिपोर्ट सौंपी।

मीटिंग लगभग पांच घंटे चली। सुखबीर सिंह बादल ने एक-एक लोकसभा हलके में पार्टी को मिले वोट और दूसरी पार्टियों को मिलें वोटों के तथ्य सामने रखे। उन्होंने हर सीट पर हारने के कारणों पर चर्चा की। मीटिंग में सीनियर अकाली नेताओं और लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों ने पार्टी के वोट बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले पार्टी का वोट प्रतिशत काफी बढ़ा है।

35 विधानसभा हलकों में अकाली-भाजपा गठजोड़ दूसरे नंबर पर है, जबकि पहले तीसरे नंबर पर था। गठजोड़ की वोट हिस्सेदारी में 51 लाख वोटों की वद्धि हुई है। सीनियर नेताओं ने सुझाव दिया कि पार्टी के अलग-अलग विंगों में नई भर्ती की जाए और भर्ती मेरिट के आधार पर की जाए न कि सिफारिश पर। इसके लिए वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ के नेतृत्व में आठ सदस्यों वाली समिति का गठन किया गया।

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