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पंजाब चुनाव से पहले शिअद को बड़ा झटका, पूर्व CM प्रकाश बादल के सलाहकार और चचेरे भाई BJP में शामिल

Published: Mon, 14 Sep 2026 08:21 PM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के चचेरे भाई और राजनीतिक सलाहकार मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल भाजपा में शामिल हो गए हैं।

पंजाब चुनाव से पहले अकाली दल को झटका, प्रकाश बादल के चचेरे भाई भाजपा में शामिल।

पंजाब चुनाव से पहले अकाली दल को झटका, प्रकाश बादल के चचेरे भाई भाजपा में शामिल।

HighLights

  1. मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल भाजपा में हुए शामिल।

  2. प्रकाश सिंह बादल के राजनीतिक सलाहकार और चचेरे भाई।

  3. पंजाब चुनाव से पहले मालवा में भाजपा को मजबूती।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब छह महीने पहले भारतीय जनता पार्टी ने मालवा में अपनी सियासी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल के राजनीतिक सलाहकार और चचेरे भाई मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल सोमवार को भाजपा में शामिल हो गए।

वह करीब 25 वर्षों तक प्रकाश सिंह बादल के राजनीतिक सचिव रहे हैं। उनके भाजपा में आने को शिरोमणि अकाली दल के गढ़ रहे लांबी क्षेत्र और मालवा की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल का पार्टी में स्वागत किया। वर्ष 1997 से 2002 तक अकाली सरकार में राज्य मंत्री रहे मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों का लांबी विधानसभा क्षेत्र के लोगों से लंबे समय से जुड़ाव रहा है।

प्रकाश सिंह बादल के साथ 25 साल काम किया

मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल प्रकाश सिंह बादल के करीबी लोगों में शामिल रहे हैं। वर्ष 1994 से ही वह चुनाव अभियानों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। लांबी क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने के कारण उनकी स्थानीय स्तर पर भी पहचान रही है। भाजपा में उनके शामिल होने से पार्टी को विशेष रूप से मालवा क्षेत्र में पुराने अकाली नेटवर्क और स्थानीय संपर्कों का लाभ मिलने की उम्मीद है।

परिवार का अकाली राजनीति से पुराना नाता

मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों का परिवार पंजाब की राजनीति में पुराना नाम रहा है। उनके पिता स्वर्गीय गुरराज सिंह ढिल्लों बादल वर्ष 1952 से 1958 तक शिरोमणि अकाली दल की ओर से राज्यसभा सदस्य रहे। बताया जाता है कि प्रकाश सिंह बादल की शुरुआती राजनीतिक यात्रा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सेना में रहे, 1971 के युद्ध में लिया हिस्सा

राजनीति में आने से पहले मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी हिस्सा लिया। वर्ष 1988 तक सेना में सेवा देने के बाद वह सक्रिय राजनीति से जुड़े। इसके बाद चुनाव अभियानों और लांबी क्षेत्र में उनकी सक्रियता लगातार बनी रही।

भाजपा के लिए उनका पार्टी में शामिल होना ऐसे समय हुआ है, जब पंजाब में चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं। मालवा पंजाब की राजनीति में अहम क्षेत्र है और लांबी लंबे समय तक बादल परिवार की राजनीतिक पहचान का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में प्रकाश सिंह बादल के चचेरे भाई का भाजपा में आना अकाली दल के लिए भी राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।