जेएनएन, चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल पंजाब की कैप्टन सरकार पर बीज घोटाले का आरोप लगा रहा है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बार ने इस मामले में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को खारिज करते हुए इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराए जाने की मांग की है।

यहां सुखबीर बादल ने राज्य में बिक रही नकली शराब का भी मामला उठाया। कहा कि इससे राज्य को 5600 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। सुखबीर ने कैप्टन सरकार पर राशन घोटाला करने का भी आरोप लगाया। कहा कि पंजाब में राशन वितरण ही नहीं किया गया। राशन गरीबोंं के घर पहुंचने के बजाय नेताओं के घर पहुंचा।

सुखबीर बादल ने अपने चचेरे भाई व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल पर भी निशाना साधा। कहा कि मनप्रीत बादल को इसीलिए पार्टी से बाहर किया गया था क्योंकि वह केंद्र सरकार के दबाव में किसानों पर बिजली के बिल लगाना चाहते थे, लेकिन अब कैप्टन सरकार फिर किसानों पर दिल लगाकर उनकी आर्थिक कमर तोड़ना चाहती है। 

हरसिमरत बोलीं- केंद्रीय कृषि मंत्री टीम भेजें

वहीं, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से अपील की है कि वह अंतरराज्यीय बीज घोटाले के मामले में केंद्रीय टीम को पंजाब भेजें। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से यह भी कहा कि उन किसानों को राहत देने के लिए उचित कार्रवाई की सिफारिश करें, जिन्हें धान के नकली ब्रीडर बीज असली कीमत से तीन गुणा ज्यादा दाम पर बेचकर ठगा गया है।

हरसिमरत ने तोमर को लिखे पत्र में कहा है कि पंजाब में बहुत बड़ा बीज घोटाला बेनकाब हुआ है। इस घोटाले का संबंध पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) लुधियाना के धान के बीजों पीआर-128 तथा पीआर-129 की प्राइवेट बिक्री से है। निजी कंपनियां बीज बेचने लगीं जबकि इसे अभी मंजूरी दी जानी बाकी है। उन्होंने कहा कि पीएयू ने 70 रुपये किलो के दाम पर किसानों को बहुत थोड़ी मात्रा में बीज बेचे थे। बेइमान कारोबारियों ने इन बीजों का अक्टूबर 2019 में अवैध उत्पादन कर लिया था और नकली बीजों के ट्रकों के ट्रक मासूम किसानों को 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेच दिए थे।

हरसिमरत ने कृषि मंत्री को बताया है कि इससे पहले यह बीज किसी भी बीज उत्पादक को सप्लाई नहीं किए गए हैं। पंजाब बीज प्रमाणन प्राधिकरण ने पीआर-128 तथा पीआर-129 के प्रमाणित बीजों के लिए किसी बीज उत्पादक को पंजीकृत नहीं किया है। इसी तरह इन बीजों के व्यवसायिक उपयोग के लिए केंद्र सरकार से कोई मंजूरी नहीं ली गई है।

भाजपा ने भी साधा निशाना

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रधान अश्विनी शर्मा ने कहा कि राज्य में माफियाओं की सरकार चल रही है। कैबिनेट मंत्री की शह पर किसानों की कमर पर हमला किया गया है। बीज घोटाले से बड़ा और कोई सबूत नहीं हो सकता है। आखिर मुख्यमंत्री बीज घोटाले और अवैध खनन को लेकर चुप क्यों हैं? आखिर कौन सा दबाव है जिसके नीचे आकर मुख्यमंत्री कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।

शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने घोटालों को छिपा नहीं सकती। बीच घोटाले को बेनकाब करने को भाजपा आवाज़ बुलंद करेगी। भाजपा और अकाली दल सरकार पर दबाव बना रहे हैं। दोनों दलों का एक ही मकसद है कि राज्य से भ्रष्टाचार खत्म हो। भाजपा व शिअद द्वारा अलग-अलग ज्ञापन देने पर कहा कि यह भी दबाव बनाने का तरीका है। दोनों दल जरूरत पडऩे पर साथ होकर भी प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान खुलेआम अवैध शराब बेची गई। इसकी जांच की मांग खुद कांग्रेस के मंत्रियों व विधायकों ने की। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने कोई कदम नहीं उठाया। सरकार अवैध खनन करने वालों को रियायत दे रही है। एक नंबर में अगर एक ट्रक निकल रहा है तो दो नंबर में 10 ट्रक बिना किसी रोकटोक के जा रहे हैं। सब कुछ सरकार और प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है।

सीएम बताएं, श्रमिकों के लिए क्या किया?

शर्मा ने कहा कि पंजाब से लाखों श्रमिकों ने पलायन किया जिससे कृषि क्षेत्र और इंडस्ट्री प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि उन्होंने गरीब वर्ग और श्रमिकों के लिए क्या किया, राज्य सरकार ने अपने स्तर पर कौन से कदम उठाए?

 

Posted By: Kamlesh Bhatt

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