‘सब निवेश कर रहे हैं इसलिए नहीं, सोच-समझकर ही ले फैसला’, PU पहुंचे सेबी चेयरमैन की निवेशकों को सलाह
सेबी चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने निवेशकों को सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी है, न कि सिर्फ दूसरों को देखकर। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में 'प्रोजेक्ट जागरूक' की शुरुआत की।
HighLights
सेबी चेयरमैन ने निवेशकों को सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी।
पंजाब यूनिवर्सिटी में 'प्रोजेक्ट जागरूक' पहल का शुभारंभ किया गया।
इसका लक्ष्य प्रतिभूति बाजार में जिम्मेदार निवेश के लिए जागरूक करना है।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पिछले एक दशक में देश के पूंजी बाजार में बड़ा बदलाव आया है और इसे देखते हुए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने निवेशकों को बड़ी सलाह दी है। उनका कहना है कि निवेश इसलिए न करें कि सभी कर रहे हैं, बल्कि सोच-समझकर फैसला लें।
सेबी चेयरमैन सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में पहुंचे थे, जहां उन्होंने निवेशक शिक्षा पहल ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ की शुरुआत की। इसका उद्देश्य लोगों को प्रतिभूति बाजार में सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ निवेश के लिए जागरूक करना है।
पीयू में करीब 40 साल बाद पहुंचे पांडे ने कहा कि निवेशक शिक्षा डीमैट खाता खोलने से पहले ही शुरू होनी चाहिए, क्योंकि वित्तीय आदतें और सोच काफी पहले बनती हैं।
डीमैट खातों की संख्या 23.8 करोड़
पांडे ने कहा कि डीमैट खातों की संख्या बढ़कर 23.8 करोड़ और विशिष्ट निवेशकों की संख्या करीब 15 करोड़ पहुंच गई है। बाजार में निवेशकों की संख्या हर साल करीब 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।
म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट करीब 12 लाख करोड़ से बढ़कर 87 लाख करोड़ रुपये और बाजार पूंजीकरण 95 लाख करोड़ से बढ़कर करीब 472 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
हालांकि, बाजार के विस्तार के साथ निवेशकों के लिए वित्तीय उत्पादों और जोखिम को समझना चुनौती बना हुआ है। सेबी के सर्वे के अनुसार 63 प्रतिशत परिवारों को कम से कम एक प्रतिभूति बाजार उत्पाद की जानकारी है, लेकिन केवल 9.5 प्रतिशत ही बाजार में निवेश कर रहे हैं।
शहरी क्षेत्राें में बाजार भागीदारी 15 प्रतिशत
सिर्फ 36 प्रतिशत निवेशकों को बाजार की मध्यम या उच्च स्तर की जानकारी है। शहरी क्षेत्रों में बाजार भागीदारी करीब 15 प्रतिशत, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में केवल छह प्रतिशत है।
पांडे ने कहा कि निवेशकों तक जानकारी हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में पहुंचाना जरूरी है। सब निवेश कर रहे हैं, इसलिए निवेश न करें। निवेश तभी करें, जब आप उसे समझते हों। उन्होंने निवेशकों को धोखाधड़ी और अनियमित संस्थाओं से बचने, समझ में आने वाले उत्पादों में ही निवेश करने, निवेश में विविधता रखने, जल्द शुरुआत करने और चक्रवृद्धि का लाभ लेने की सलाह दी।
चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
सेबी पूर्णकालिक सदस्य संदीप प्रधान ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ के तहत ग्राम आर्थिक साक्षरता कार्यक्रम, राज्यों के साथ साझेदारी और टीवी, रेडियो, प्रिंट व सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान का नारा ‘समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल’ रखा गया है। कार्यक्रम के दौरान सेबी के नए चंडीगढ़ स्थानीय कार्यालय का भी उद्घाटन किया गया।
