संदीप कुमार, मोहाली : जिस स्कूल टीचर सरबजीत कौर की चहल-पहल वाले क्षेत्र में दिनदहाड़े हत्या हुई, उसने अपनी मां उर्मिला से शाम को मिलने का वायदा किया था। लेकिन उसे मालूम नहीं था कि अपनी मां से किया हुआ वायदा वह कभी पूरा नहीं कर पाएगी। सरबजीत कौर अपनी पांच साल की बेटी आराध्या के साथ फ्लैट नंबर-240/6 टावर नंबर-15 एसबीपी होम्स सेक्टर-126 छज्जूमाजरा में रह रही थी। इससे पहले सरबजीत कौर दाऊं के पास गांव रामगढ़ में किराये पर रहती थी। उसने करीब आठ महीने पहले ही एसबीपी में अपना खुद का फ्लैट खरीदा था। मृतका सरबजीत कौर के मां-बाप और भाई मोहाली फेज-4 स्थित मकान नंबर-56 में रहते हैं। सरबजीत कौर के पिता राजकुमार (58) ने बताया कि उनकी दो बेटियां सरबजीत कौर, मनप्रीत कौर व एक बेटा दिलप्रीत सिंह है। सरबजीत कौर वर्ष 2012 में उन्हें छोड़कर चली गई थी जिसके बाद उन्होंने सरबजीत कौर से सभी रिश्ते तोड़ दिए थे। पिता बोले : बेटी से तोड़ लिए थे सभी रिश्ते

पिता राजकुमार ने बताया कि उन्हें किसी जानकार से ही पता चला था कि सरबजीत कौर फ्रांस में है और उसने शादी भी कर ली है लेकिन एक साल पहले ही सरबजीत कौर का अपनी मां से दोबारा संपर्क हुआ था। वह दोबारा उनके घर पर भी आने-जाने लगी थी। पिता राजकुमार ने कहा कि वीरवार सुबह उसकी मां ने सरबजीत कौर को फोन किया था। उसकी मां ने कहा था कि काफी दिन से वह उनसे मिलने नहीं आई जिस पर सरबजीत कौर ने उसे शाम को घर पर मिलने आने का वायदा किया था। चोर अंकल ठाह-ठाह गोली चलाकर भाग गए

सरबजीत कौर को जिस समय गोली मारी गई उस समय वह अपनी बेटी आराध्या के साथ थी। सरबजीत की हत्या के बाद स्कूल स्टाफ ने उसकी बेटी आराध्या को संभाला। पुलिस ने जब सहमी बच्ची से बात पूछी तो उसने कहा कि चोर अंकल आए थे, ठाह-ठाह गोली चलाकर वहां भाग गए। आराध्या को उसका मामा दिलप्रीत अपने साथ ले गया है। बेटी इसी स्कूल में एलकेजी स्कूल में पढ़ती है।

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