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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'आप' प्रत्याशी का आरोप-संजय सिंह व दुर्गेश ने मांगे एक करोड़

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Thu, 24 Nov 2016 05:27 PM (IST)Updated: Thu, 24 Nov 2016 09:16 PM (IST)

पंजाब में आम आदमी पार्टी एक बार फिर रिश्‍वत खोरी के अाराेपों से घिर गई है। आप के एक घोषित ...और पढ़ें

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जेएनएन, चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी एक बार फिर रिश्वतखोरी के आरोपों में घिर गई है। इस बार 'अाप' के एक घोषित उम्मीदवार ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह और दुर्गेश पाठक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। ' 'आप' के घाेषित उम्मीदवार डा. विनोद कुमार ने यहां कहा कि दोनों नेताओं ने उनसे एक करोड़ रुपये मांगे और नहीं देने पर किसी अन्य को पार्टी टिकट देने की बात कही। उन्होंने पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी लपेटे में लिया।

पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए गुरदासपुर जिले के भोआ विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के घोषित प्रत्याशी डा. विनोद ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में संजय सिंह और दुर्गेश पाठक पर सनसनीखेज आरोप लगा कर हंगामा खड़ा कर दिया। इससे राज्य की राजनीति में हलचल पैदा हो गई है।

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डा. विनोद ने कहा कि 12 नवंबर को 'आप' के पंंजाब प्रभारी संजय सिंह आैर दुर्गेश पाठक ने उन्हें चंडीगढ़ में पार्टी के एक नेता को घर बुलाया। वहां दोनों नेताआें ने उनसे कहा कि चुनाव लड़ना है तो एक करोड़ रुपये देने होंगे। डा. विनोद ने इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थता जताई।

डा. विनोद ने अनुसार, इसके बाद दोनाें नेताओं ने कहा कि इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए कई लोग इच्छुक हैं और दो-दो करोड़ तक देने को तैयार हैं। यदि वह (डा. विनोद) एक करोड़ रुपये नहीं दे सकते तो 30 लाख रुपये ले लें और चुनाव मैदान से हट जाएं। लेकिन, उन्हाेंने इससे साफ इन्कार कर दिया।

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डा. विनोद ने कहा कि दोनों नेताओं ने इसके बाद उनकी अरविंद केजरीवाल से भी बात कराई। केजरीवाल ने उनसे कहा कि संजय सिंह और दुर्गेश जो कह रहे हैं वैसा करो। यह सुनकर वह ताज्जुब में रह गए। इससे साफ हो गया कि आम आदमी पार्टी अपने सिद्धांतों से हट चुकी है।

डा. विनोद ने कहा कि वह हर हाल में चुनाव लड़ेंगे। अगर 'आप' ने अपना टिकट वापस ले लिया तो वह आजाद उम्मीदवार के ताैर पर चुनाव में उतरेंगे। वह 'आप' में सिद्धांतों और भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी मुहिम को देखते हुए शामिल हुए थे, लेकिन इसके नेताओं का असली चेहरा देखकर बेहद आहत हैं।