मोहाली, [रोहित कुमार]। इन दिनों फेस्टिवल सीजन चल रहा है। ऐसे में दुकानों में धड़ाधड़ा मिठाइयां तैयार हो रही हैं और बिक भी रही हैं। लेकिन क्या आपको यह मालूम है कि जो मिठाइयां आप खरीद रहे हैं वह खाने लाइक हैं भी या नहीं। ऐसी ही स्थिति अब मोहाली में बनी हुई है। तो बता दें कि मोहाली में मिठाइयों से सैंपल फेल हुए हैं। ऐसे में लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, कि जहां से आप मिठाई खरीद रहे हो क्या वह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक तो नहीं।

वहीं, फेस्टिवल सीजन में सेहत विभाग की ओर से लिए जा रहे मिठाइयों के सैंपलों की रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। जब तक सभी सैंपलों की रिपोर्ट आएगी तब तक फेस्टिवल सीजन निकल चुका होगा। अक्टूबर माह में सेहत विभाग ने शहर की विभिन्न दुकानों से मिठाइयों के 47 सैंपल लिए गए और उन्हें जांच के लिए भेजा है। जिनमें से 40 की रिपोर्ट का इंतजार है। जबकि एक खोए का सैंपल फेल हुआ है।

वहीं बीते सितंबर में 29 सैंपल लिए गए। दो सैंपल फेल हुए जबकि सात की रिपोर्ट पेडिंग है। सेहत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सैंपलों की रिपोर्ट आने में देरी इस लिए हो रही है क्योंकि पूरे सूबे के मिठाइयों के सैंपल खरड़ में पहुंच रहे हैं जहां पर एक मात्र लैब है। इसलिए रिपोर्ट आने में देरी होगी। जिन खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट सबस्टैंडर्ड आई है या फेल हुए है उनमें ज्यादातर खोया, पनीर आदि है। जोकि गांवों की दुकानों के है। जिला सेहत अधिकारी डॉ. सुभाष कुमार ने कहा कि जो रिपोर्ट आ रही है उसके हिसाब से कार्रवाई की जा रही है। जिन दुकानों के सैंपलों की रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड आई उनको नोटिस जारी किए गए है।

वहीं सेहत विभाग की टीम की ओर से बुधवार को चार मिठाई की दुकानो के सैंपल भरे गए। मटौर की दुकान में दस किलो पिन्नियों को नष्ट करवाया गया। जिला सेहत अधिकारी डॉ. सुभाष कुमार ने बताया कि फूड सेफ्टी टीम की ओर से फेज 7, 5 गांव मटौर, सोहाना मे मिठाई की दुकानों की जांच के दौरान उक्त सैंपल लिए गए है। डॉ. सुभाष ने बताया कि बर्फी, रसगुल्ले व बेसन के लड्डओं के सैंपल लिए गए है। सुभाष कुमार ने कहा कि मिठाई बनाने वालों को निर्देश दिए गए है कि वे मिठाइयों में रंग का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करें। दुकानों में आने वाले ग्राहकों के लिए कोविड गाइडलाइन की पालना के पुख्ता इंतजाम किए जाए। डॉ. सुभाष कुमार ने कहा कि आगामी दिनों में भी अभियान जारी रहेगा।

Edited By: Ankesh Thakur