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165 करोड़ के फ्रॉड केस में चावल कंपनी के निदेशक को झटका, चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट ने नहीं दी अग्रिम जमानत

By Ravi Atwal Edited By: Sohan Lal
Published: Mon, 21 Sep 2026 07:27 PM (IST)

चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट ने बजाज बासमती प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक की 165 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी मामले में अग्रिम जमानत ...और पढ़ें

सीबीआई कोर्ट ने चावल कंपनी के निदेशक की अर्जी को किया खारिज। (सांकेतिक फोटो)

सीबीआई कोर्ट ने चावल कंपनी के निदेशक की अर्जी को किया खारिज। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. निदेशक साहिल बजाज की मुश्किलें बढ़ी।

  2. भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू़।

  3. तीन बैंकों को पहुंचाया नुकसान।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चावल की खरीद-फरोख्त के नाम पर 165 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपित बजाज बासमती प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक साहिल बजाज की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

सीबीआई कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। वह कई महीनों से कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

गिरफ्तारी से बचने के लिए बजाज ने अग्रिम जमानत अर्जी दायर की और खुद को बेकसूर बताया, लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को नहीं माना और उसकी अर्जी खारिज कर दी। तीन साल पहले सीबीआई चंडीगढ़ ने आरोपित कंपनी और निदेशक साहिल बजाज के खिलाफ केस दर्ज किया था।

इसके बाद केस की चार्जशीट सीबीआई की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल की गई थी। सीबीआई के सरकारी वकील नरेंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि आरोपित न सिर्फ कानूनी कार्रवाई से बच रहा है, बल्कि अदालत में झूठा रिकार्ड भी पेश कर रहा है।

आरोपित ने अग्रिम जमानत अर्जी में अपना जो पता लिखा है, वह घर तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने पहले ही बेच दिया है। उसने जानबूझकर अपना यही पता रिकार्ड में दिया है, ताकि वह अदालत की कार्रवाई से बच सके।

यह है मामला आरोप के मुताबिक कंपनी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया व अन्य बैंकों के समूह से 165 करोड़ का लोन लिया था लेकिन उसका इस्तेमाल किसी और काम में कर दिया, जिससे बैंकों को काफी नुकसान हुआ।

सीबीआई के मुताबिक कंपनी ने अपने बिजनेस की गलत रिपोर्ट पेश की। इतना ही नहीं आरोपित कंपनी ने उन कंपनियों के साथ भी अपना कारोबार दिखाया जो चावल का बिजनेस करती ही नहीं थी।

कंपनी ने बैंकों से मिले कर्ज का पैसा एनर्जी और टैक्सटाइल कंपनियों में लगा दिया। कंपनी ने एसबीआइ को 104.59 करोड़, आंध्रा बैंक को 33.69 करोड़ और बैंक ऑफ महाराष्ट्रा को 27.59 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। जिसके बाद सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी।