नई दिल्‍ली/चंडीगढ़, जेएनएन/ प्रेट्र। Harsimrat Kaur Badal Resigned: कृषि विधेयकों को लेकर संसद से पंजाब के गांव तक मचे हंगामे में घिरे शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्‍करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने वीरवार शाम केंद्रीय कैबिनेट से अपना इस्‍तीफा दे दिया। पार्टी के प्रधान सुखबीर सिह बादल ने लोकसभा में कृषि विधेयकों का विरोध किया और ऐलान किया कि इन विधेयकों के विरोध में हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय कैबिनेट से इस्‍तीफा देंगी। इसके बाद हरसिमरत ने अपना इस्‍तीफा दे दिया। इस्‍तीफा देने के बाद उन्‍होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार, हरसिमरत कौर बादल ने वीरवार शाम केंद्रीय मंत्रिमंडल से अपना इस्‍तीफा दे दिया। वह केेंद्रीय कैबिेनेट में शिरोमणि अकाली दल की एकमात्र सदस्‍य हैं। इससे पहले लोकसभा में शिरोमणि अकाली दल के अध्‍यक्ष और सांसद सुखबीर सिंह बादल ने केंद सरकार द्वारा संसद मे पेश कृषि विधेयकों का विरोध किया। इस दौरान उन्‍होंने ऐलान किया कि केंद्रीय खाद्य प्रसंस्‍कण मंत्री हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्‍तीफा देंगी। बता दें कि शिरोमणि अकाली दल राजग (NDA) में लंबे समय से साझीदार है।

केंद्रीय मंत्री पद से इस्‍तीफा देने के बाद हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्हाेंने अपने ट्वीट में लिखा, मैैंने किसान विरोधी कृषि अध्‍यादेशों और विधेयकों के विरोध में केंद्रीय कैबिनेट से इस्‍तीफा दे दिया है। मुझे किसान की बेटी और बहन होने के नाते उनके साथ खड़े होने पर गर्व है।

 

हरसिमरत कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे त्‍यागपत्र में केंद्र सरकार के कृषि अध्‍यादेशों और विधेयकों को लेकर शिरोमणि अकाली दल और किसानों की चिंताओं और आपत्तियों से अवगत कराया है। उन्‍होंने त्‍याग पत्र में कहा है कि किसान और शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर्यायवाची हैं। उनकी पार्टी  सिख धर्म के संस्‍थापक ज्ञर गुरु नानकदेव के सिद्धांताें और समतावादी दृष्टिकोण से प्रेरित है, जिन्‍होंने करतारपुर साहिब में विनम्र किसान के तौर पर खेतों में काम किया और वहां इस तरह 20 साल बिताए। इससे साफ है कि शिअद के लिए किसानों के क्‍या मायने हैं।

हरसिमरत कौर बादल ने पीएम को दिए इस्‍तीफे में लिखा- बार-बार मुद्दा उठाया लेकिन ध्‍यान नहीं दिया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए इस्तीफे में हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि वह सरकार के समक्ष कई बार यह मामला उठा चुकी हैैं कि कृषि विधेयक को लेकर पहले किसानों को भी विश्वास में लिया जाए। उन्होंने कहा 'मुझे विश्वास था कि जब इसे अंतिम रूप दिया जाएगा तो उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को इसमें शामिल करते उनका समाधान किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मेरा इस्तीफा, किसानों के पक्ष में आवाज उठाने वाली मेरी पार्टी की सोच को कायम रखने वाला है। अकाली दल हमेशा किसानों के हितों की बात करता आया है।'

अपनी टीम में जगह देने के लिए पीएम मोदी को दिया धन्‍यवाद

अपने इस्तीफे में हरसिमरत बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपनी टीम में जगह और काम करने का मौका देने के लिए धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा, मैैंने जब भी कोई मुद्दा उठाया उस पर सरकार ने साथ दिया, चाहे लंगर पर जीएसटी न लगाने का फैसला हो या फिर करतारपुर गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए कॉरिडोर बनने का फैसला हो। इसके साथ ही कृषि विधेयक के मामले में ऐसा न होने पर हरसिमरत ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह मामला सिलेक्ट कमेटी को भेजा जाना चाहिए था।

इससे पहले चंडीगढ़ में पार्टी के प्रवक्‍ता ने कांग्रेस (Congress) पर पलटवार किया। पार्टी ने कहा कि 2019 के लोक सभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी को खत्म करने का वायदा किया था। यही वायदा 2017 में पंजाब विधान सभा चुनाव में भी किया गया था। यही नहीं शिअद ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amrinder singh) पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगा है। पार्टी ने मांग की है कि वह कृषि सुधार को लेकर बनाई गई हाई पावर कमेटी को दिए गए सिफारिशों पर श्वेत पत्र जारी करे।

कैप्टन हाई पावर कमेटी को कि गई सिफारिशों का श्वेत पत्र जारी करें : अकाली दल

शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता व पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. दलजीत सिंह चीमा का कहना था कि पार्टी का फोकस इस समय लोक सभा और राज्य सभा में बिल का विरोध करने पर है। हरसिमरत कौर बादल कैबिनेट की कुर्सी छोड़ती हैं या नहीं, इसका फैसला बाद में पार्टी की बैठक में किया जाएगा।

शिअद ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, पूछे कई सवाल

शिरोमणि अकाली दल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। अकाली दल का कहना है, पंजाब सरकार को यह सार्वजनिक करना चाहिए कि हाई पावर कमेटी में पंजाब का प्रतिनिधत्व किसने-किसने और कब कब किया। वित्तमंत्री मनप्रीत बादल हाई पावर कमेटी की बैठक में मुंबई में शामिल हुए। वहीं, कांग्रेस सरकार को श्वेत पत्र भी शामिल करना चाहिए कि पंजाब सरकार ने कमेटी को क्या-क्या सिफारिश की।

चीमा बोले- कांग्रेस ने 2019 के चुनावी घोषणा पत्र में एपीएमसी एक्ट को खत्म करने का किया था वायदा

डा. चीमा ने कहा ‘कांग्रेस सरकार ने छह पन्ने की सिफारिश में कहा था कि कृषि के सुधार के लिए उसे बंधन मुक्त करना चाहिए।’  सिफारिश में यह भी कहा गया कि 2017 में कांग्रेस सरकार ने प्राइवेट मार्केट बनाने के लिए रिफार्म किए लेकिन इसका कोई उत्साह पूर्ण परिणाम सामने नहीं आए। प्राइवेट इनवेस्टमेंट नहीं आई।

डा. चीमा ने कहा, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों के साथ धोखाधड़ी की। इसके लिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने 2017 के पंजाब विधान सभा और 2019 के लोक सभा चुनाव को लेकर अपने घोषणा पत्र में वायदा किया था कि उनकी सरकार आती है को एपीएमसी एक्ट को खत्म कर दिया जाएगा। आज कांग्रेस ड्रामेबाजी कर रही है।

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