चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस का हिंसक प्रदर्शन, सचिन पायलट-राजा वड़िंग और बाजवा समेत कई नेता हिरासत में
पंजाब कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान सचिन पायलट और प्रताप सिंह बाजवा समेत कई नेताओं को चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में लिया।

चंडीगढ़ में बैरिकेडिंग तोड़ रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
HighLights
पंजाब कांग्रेस का चंडीगढ़ में वित्त मंत्री के आवास की ओर मार्च
पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को रोका
सचिन पायलट, प्रताप बाजवा सहित कई नेता हिरासत में लिए गए
डॉ सुमित सिंह श्योराण चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब कांग्रेस नेता और समर्थक वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर मार्च करने लगे।
चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन से आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया।
प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बाजवा समेत कई वरिष्ठ नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया
पायलट और वड़िंग के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता चीमा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए थे।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लगातार वाटर कैनन चलाया। इस दौरान कई कांग्रेस नेताओं और समर्थकों को हिरासत में लिया गया।
सचिन पायलट सहित नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत कई वरिष्ठ नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
गुलजार सिंह की मौत को बनाया मुद्दा
प्रदर्शन के कारण सेक्टर-15 कांग्रेस भवन के सामने और सेक्टर-15/16 चौक के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कांग्रेस गुलजार सिंह की मौत के मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।

पार्टी का आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने चीमा के आवास की ओर मार्च का कार्यक्रम बनाया था। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
पुलिस द्वारा लगातार प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की जाती रही, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड के आगे डटे रहे।
