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विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे सचिन पायलट, पंजाब के Gen Z पर खास नजर

Published: Fri, 18 Sep 2026 05:30 AM (IST)

पंजाब कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन की दूसरी पंक्ति और जेन जी मतदाताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

विस चुनाव की तैयारियों में जुटे सचिन पायलट की पंजाब के जेन जी पर नजर।

विस चुनाव की तैयारियों में जुटे सचिन पायलट की पंजाब के जेन जी पर नजर।

HighLights

  1. सचिन पायलट पंजाब कांग्रेस में युवा नेताओं से ले रहे फीडबैक

  2. पार्टी का लक्ष्य जेन जी मतदाताओं और बूथ स्तर पर पकड़ बनाना

  3. सामूहिक नेतृत्व और नए चेहरों के साथ चुनाव लड़ने की रणनीति

डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी पंजाब कांग्रेस इस बार संगठन की दूसरी पंक्ति को मजबूत करने पर फोकस कर रही है। प्रदेश कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने वरिष्ठ नेताओं के साथ संवाद के बाद अब यूथ कांग्रेस पदाधिकारियों और युवा नेताओं से फीडबैक लेने की कवायद शुरू कर दी है।

इसका उद्देश्य चुनाव से पहले ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान करना है, जो संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने के साथ युवाओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ा सकें। कांग्रेस का पूरा फोकस चुनाव में जेन जी वोटर पर रहने वाला है। पंजाब यूथ कांग्रेस की भूमिका इस बार चुनाव में काफी अहम रहने वाली है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार पायलट दिल्ली और आगामी चंडीगढ़ दौरे पर पंजाब कांग्रेस के यूथ कांग्रेस नेताओं और अन्य संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे। इनमें विधानसभा क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति, संगठन की सक्रियता, स्थानीय नेताओं का बीते चार वर्षों में जनता के बीच संपर्क, युवाओं से जुड़ाव और संभावित नए चेहरों को लेकर फीडबैक लिया जाएगा।

पायलट के लिए यह कवायद इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कांग्रेस 2027 के चुनाव में संगठन को सामूहिक नेतृत्व के आधार पर आगे बढ़ाना है। पायलट स्पष्ट कर चुके हैं कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया जाएगा।

पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बार कांग्रेस विधानसभा चुनाव में कई युवा चेहरों को उतारने की तैयारी में है। प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग भी चुनाव में 60 से 70 प्रतिशत सीटों पर नए चेहरों को उतारने का समर्थन कर चुके हैं।

जेन जी पर पकड़ बनाने के लिए चल रहा अभियान

पंजाब कांग्रेस पहले ही अपने चुनावी घोषणापत्र में जेन जी के मुद्दों को प्रमुखता देने की तैयारी कर चुकी है। पार्टी की घोषणापत्र समिति शिक्षा, परीक्षाओं और रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं से सुझाव लेने की योजना पर काम कर रही है। पार्टी इसे 'पीपुल्स मैनिफेस्टो' के रूप में तैयार करेगी।

अमृतसर और तरनतारन में मैनिफेस्टो को लेकर टीम फीडबैक ले चुकी है। कांग्रेस संगठन में डिजिटल सक्रियता पर भी नजर है। राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान को पंजाब में बढ़ाने के लिए प्रदेश नेताओं की इंटरनेट मीडिया सक्रियता की जानकारी जुटाई गई है।

जून में यूथ कांग्रेस की ओर से पंजाब-री-रूट कैंपेन भी शुरू किया जा चुका है, जोकि पूरे युवाओं से जुड़े मुद्दों पर फीडबैक ले रही है। ऐसे में पायलट की युवा नेताओं के साथ प्रस्तावित बैठकों को संगठन और जेन जी के बीच संपर्क मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

एकजुटता के बाद संगठन पर नजर

15 सितंबर को पायलट के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत विभिन्न खेमों के नेता एक मंच पर नजर आए। अब पायलट की कोशिश इस राजनीतिक एकजुटता को संगठन के निचले स्तर तक ले जाने की है।

पायलट की अगली चुनौती संगठनात्मक ढांचे को चुनावी मोड में लाना और दूसरी पंक्ति के नेताओं को जिम्मेदारी देना होगी। दिल्ली में बैठकों के बाद चंडीगढ़ में भी संगठन के स्तर पर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है। राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे से पहले पायलट राज्य संगठन को चुनावी तैयारी के लिए और सक्रिय करने पर जोर दे रहे हैं।