जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : पीजीआइ में शनिवार रात डाक्टर का मोबाइल फोन चोरी हो गया। डाक्टर ने इसकी शिकायत पीजीआइ पुलिस चौकी को दी। शिकायत पर पुलिस ने ड्यूटी पर कार्यरत तीन सफाई कर्मचारियों को शक के आधार पर पूछताछ के लिए पकड़ा। इन तीनों कर्मचारियों को पुलिस ने चौकी ले जाकर बेरहमी से पीटा। पुलिस की पिटाई से कर्मचारियों के शरीर के पिछले हिस्से में काले निशान और सूजन तक आ गई। आखिर में जिस डाक्टर का मोबाइल फोन चोरी हुआ था, उसका मोबाइल पर्स में मिला। पुलिस तीनों कर्मचारियों को चौकी पर रात 10 बजे लेकर गई थी, देर रात एक बजे तक पुलिस ने तीनों कर्मचारियों की बेरहमी से पिटाई की। जानकारी अनुसार डा. रितवी का मोबाइल फोन चोरी हुआ था।

पीजीआइ कर्मचारी यूनियन के संजीव कनौजिया ने बताया कि पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ सोमवार को एसएसपी को लिखित शिकायत देंगे। इस बीच पीजीआइ के सफाई कर्मचारियों व अन्य स्टाफ ने पुलिस चौकी का रविवार सुबह सात बजे घेराव किया। इसके बाद पीजीआइ सफाई कर्मचारी एडवांस कार्डियक सेंटर के बाहर प्रशासन के खिलाफ धरने पर इकट्ठा हो गए। यूनियन ने मांग की है की कि एसआइ बलवीर और कांस्टेबल कुलदीप ने उन्हें बिना जांच किए ही आरोपित मानते हुए बेरहमी से पीटा, जबकि डाक्टर का मोबाइल उसके ही पर्स से मिल गया था। ऐसे में पीजीआइ कर्मचारी यूनियन की ओर से एसएसपी से इन दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की मांग की है।

इन कर्मियों की पुलिस ने की पिटाई

जिन तीन कर्मचारियों की पुलिस ने पिटाई की उनमें विरेंद्र, राहुल और चिकी शामिल हैं। विरेंद्र कुमार ने बताया कि वह सेक्टर-25 में अपने पूरे परिवार के साथ रहता है। जो रोजाना की तरह अपने साथियों के साथ ड्यूटी पर आया हुआ था। देर रात डाक्टर रतवी और नर्स सोनल ने पुलिस को सूचना दी कि मोबाइल फोन चोरी हो गया है, जो पर्स से ही मिला, लेकिन इतनी देर में पुलिस उन्हें पकड़कर ले गई। फिर चौकी में एसआइ बलवीर और कांस्टेबल कुलदीप ने लगातार एक बजे तक तीनों की पिटाई की, डाक्टर के ही पर्स से मोबाइल मिलने पर बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

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