जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर की शिक्षा का स्तर देश और विदेश में अपनी धाक जमा चुका है। स्टूडेंट्स के बाद अब शहर के टीचर भी इस दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल मनीमाजरा में कार्यरत फाइन आर्ट्स के टीचर ऋषि राज इंटरनेशनल प्रतियोगिता में चंडीगढ़ का प्रतिनिधितत्व करने जा रहे हैं। बैंकॉक में आयोजित होने वाली पांचवीं प्रिंट एंड ड्राइंग एग्जीबिशन के लिए पूरे भारत से डेढ़ हजार कलाकारों ने भाग लिया था जिसमें से मात्र दस को इस प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिला है। उसमें ऋषि राज चंडीगढ़ से अकेले प्रतिनिधितत्व कर रहे हैं।

 दिल्ली के रहने वाले है ऋषि राज
टीचर ऋषि राज दिल्ली के रहने वाले हैं। पापा सरकारी डॉक्टर हैं, जबकि मम्मी गवर्नमेंट टीचर हैं। वहीं बहन दिल्ली यूनिवर्सिटी में असिस्‍टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात है। ऋषि ने बताया कि उन्हें बचपन से ही पेंटिंग करने का शौक था। जिसके लिए 12वीं कक्षा के बाद कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बेचलर और मास्टर इन फाइन आर्ट्स में पूरी की। दोनों ही डिग्री हासिल करने के दौरान ऋषि गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं।

टेबल पर बैठकर बंदर कर रहे भविष्य का चिंतन

प्रतियोगिता के लिए बनाई गई पेटिंग बंदरों के झुंड पर बनाई गई है। जिसमें मानव की शुरुआत को दिखाया गया है। इसमें दिखाया गया है कि जिस समय इंसान का जन्म हुआ तो वह एक बंदर था, बंदर से वह नॉर्मल इंसान तो बन गया, लेकिन खुद की इंसानियत को भूल गया। दुष्कर्म, चोरी, डकैती और भ्रष्टाचार जैसी कई कुरीतियां इंसान को घेरे खड़ी हैं।

वर्ष 2015 में नियुक्‍त हुए थे ऋषि राज
ऋषि राज की नियुक्‍ति चंडीगढ़ शहर में वर्ष 2015 में हुई थी। इससे पहले ऋषि राज को वर्ष 2014 में एमएचआरडी की तरफ से यंग आर्टिस्ट अवार्ड मिल चुका है। वर्ष 2017 में ऑल इंडिया आर्ट्स कंपीटीशन में पहला स्थान हासिल किया है। 17 नवंबर 2018 को दिल्ली में कलाश्री अवार्ड के साथ सम्मानित किया जाएगा।

Posted By: Sat Paul