जागरण संवाददाता, जीरकपुर (मोहाली)। डेराबस्सी सब-डिवीजन के अधीन आते जीरकपुर में अब 23 कालोनियों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी गमाडा के आदेश पर ये कार्रवाई की गई है। गमाडा के आदेश पर कार्रवाई करते हुए तहसीलदार ने नगर परिषद के अधिकारियों से जमीन का ब्योरा मांग लिया है। उधर, फैसले का ज्वाइंट रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने स्वागत किया है।

एसोसिएशन ने कहा कि मामले में जांच के दौरान अधिकारी पक्षपात न करें। प्रधान सुखदेव चौधरी ने कहा कि तीन साल से किए जा रहे संघर्ष के बाद ये फैसला आया है। जीरकपुर, पीर मुछल्ला, गाजीपुर, नगला में 100 से अधिक अवैध कालोनियां बनी हुई हैं। यह कालोनियां नगर परिषद के पूर्व कार्यकारी अधिकारी संदीप तिवारी के समय में हुए भ्रष्टाचार के चलते गलत दस्तावेजों के आधार पर पास हुई हैं। बहुत से डेवलपरों के पास लाइसेंस तक नहीं है।

जिन कालोनियों में रजिस्ट्रियों पर रोक लगाई गई है उनमें से अधिकतर ऐसी हैं जिनमें लोग बसे हुए हैं। ऐसे में हजारों परिवार अब इन घरों के आगे किसी को नहीं बेच सकते हैं। ध्यान रहे कि मोहाली पुलिस ने अवैध कालोनियों के मामले में एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम भी बनाई है।

रजिस्ट्री बंद करने की प्रक्रिया शुरू

जीरकपुर सब तहसील के तहसीलदार पुनीत बंसल का कहना है कि हमें रजिस्ट्रियां रोकने के लिए पत्र मिल गया है, जिसके बाद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन कालोनियों की रजिस्ट्रियां बंद करनी है, उस जमीन का रेवन्यू रिकॉर्ड खसरा नंबर व अन्य जानकारियां संबंधित विभागों रेवन्यू विभाग व नगर परिषद से मांगा गया है। जानकारी आते ही रजिस्ट्रियां पूरी तरह से बंद कर दी जाएंगी।

इन कालोनियों में लगी है रजिस्ट्रियों पर रोक

 

  • गमाडा ने पीरमुछल्ला में मैट्रो टाउन
  • सिंघपुरा में रायल सिटी
  • किशनपुरा में एलआर होम्स
  • गाजीपुर में क्रिस्टल होम्स
  • भबात में वी सिटी व खुशहाल एनक्लेव
  • गाजीपुर में मांउट कैलाश कालोनी
  • भबात में कैपीटल शॉपिंग कांप्लेक्स
  • स्वास्तिक विहार, बलटाना में रविंद्रा एनक्लेव
  • किशनपुरा ढकौली में राधे एनक्लेव और शुभ डेवलपर
  • बलटाना में रविंद्रा एनक्लेव
  • गाजीपुर में मांउट कैलाश कालोनी, कृष्णा एनक्लेव
  • पीर मोछल्ला की फ्रैंडस कालोनी, श्री श्याम रेजिडेंसी
  • गाजीपुर की भांबरी एन्क्लेव
  • भबात के जरनैल एनक्लेव, बरकत होम्स
  • भबात की शंकर सिटी और हाईवे होम्स