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'जिन हाथों में किताबें होनी थीं, उनमें नशा', पंजाब में नशे को लेकर रवनीत बिट्टू ने साधा निशाना

By Rohit KumarEdited By: Prince Sharma
Published: Fri, 23 Oct 2026 10:40 AM (IST)

पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कपूरथला में बच्चों के नशे की गिरफ्त में आने पर मान सरकार को ...और पढ़ें

बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू (फाइल फोटो)

बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू (फाइल फोटो)

HighLights

  1. बिट्टू ने मान सरकार को नशे की समस्या पर घेरा

  2. कपूरथला में दो भाई नशे की गिरफ्त में आए

  3. सरकार के 'नशों के विरुद्ध युद्ध' दावे हवा-हवाई

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कपूरथला के सुभानपुर में 10 और 13 साल के दो सगे भाइयों के नशे की गिरफ्त में आने के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा कि जिन हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, उनमें नशा पहुंचना पंजाब के भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है। यह राज्य सरकार की आपराधिक विफलता को दर्शाता है।

बिट्टू ने इंटरनेट मीडिया पर जारी बयान में कहा कि पंजाब सरकार के 'नशों के विरुद्ध युद्ध' अभियान के बड़े-बड़े दावे पूरी तरह हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।

सरकार नशे की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय विज्ञापनों और प्रचार तक सीमित रह गई है। कपूरथला के सुभानपुर में दो मासूम सगे भाइयों का नशे के दलदल में फंसना केवल एक घटना नहीं, बल्कि पंजाब के उजड़ते भविष्य की तस्वीर है।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता के नशे से बाहर आकर प्रदेश की जमीनी हकीकत देखनी चाहिए।

सरकार की नाकामी और अनदेखी के कारण मासूम बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ रही है। नशे जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए केवल दावे और प्रचार पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।