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एक फ्रेम में दिखे पूर्व और नए प्रदेश अध्यक्ष, परगट सिंह से मिले राजा वड़िंग; पंजाब कांग्रेस में एकजुटता का दिया संदेश

Published: Wed, 07 Oct 2026 10:28 PM (GMT+05:30)

पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह की ताजपोशी के बाद पूर्व अध्यक्ष राजा वड़िंग ने उनसे दिल्ली में मुलाकात ...और पढ़ें

पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह से मिलने उनके घर पहुंचे राजा वड़िंग।

पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह से मिलने उनके घर पहुंचे राजा वड़िंग।

HighLights

  1. परगट सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद राजा वड़िंग ने की मुलाकात

  2. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में एकजुटता का प्रयास

  3. परगट सिंह ने राजा वड़िंग को अमृतसर आने का न्योता दिया

डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की ताजपोशी के बाद पार्टी में नई सियासी कवायद तेज हो गई है। बुधवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिल्ली में परगट सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को एकजुट करने में जुटी है।

जानकारी के अनुसार, राजा वड़िंग परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई देने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

परगट ने दिया अमृतसर साथ चलने का न्योता

मुलाकात के दौरान नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने राजा वड़िंग को गुरुवार को अमृतसर आने का न्योता दिया। परगट सिंह 8 अक्टूबर को पंजाब दौरे की शुरुआत अमृतसर से करने जा रहे हैं। वह श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।

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इस कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी शामिल होंगे। पार्टी की कोशिश है कि नए अध्यक्ष की पहली ही गतिविधि में पंजाब कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को साथ लाकर एकजुटता का संदेश दिया जाए।

वड़िंग की मौजूदगी से बढ़ेगा सियासी संदेश

परगट सिंह के अमृतसर कार्यक्रम में राजा वड़िंग की संभावित मौजूदगी को कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव के बाद यह पहला बड़ा मौका होगा, जब पूर्व और नए अध्यक्ष एक मंच पर नजर आ सकते हैं। ऐसे में 2027 से पहले कांग्रेस की नई टीम और सामूहिक नेतृत्व की रणनीति का संदेश पंजाब की राजनीति में साफ तौर पर जाने की कोशिश होगी।