जासं, पंचकूला : चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पंचकूला छोर के एरिया को डेवलप करने का टेंडर अगस्त तक जारी किया जाएगा। विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन विकसित करने में सबसे अहम भूमिका यहां उपलब्ध 493.6 एकड़ भूमि की रहेगी। इस रेलो पॉलिस प्रोजेक्ट से जहां यात्री सुविधाओं में इजाफा होगा, वहीं इससे पंचकूला और चंडीगढ़ के विकास को भी गति मिलेगी। रेलवे स्टेशन पर एयरपोर्ट की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध कराने की है योजना

अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के तहत पूरे क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर एयरपोर्ट की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना गनाई गई है। दो मंजिले वेटिग लॉन्ज, यात्रियों की सुविधा के लिए 12 एस्केलेटर तथा छह लिफ्ट स्थापित होंगी। अनुमानित 215 करोड़ रुपये की इस परियोजना के पूरे होने में तीन से पांच साल तक समय लग सकता है। होगा आरयूबी का निर्माण

इस प्रोजेक्ट का सबसे ज्यादा लाभ उन लोगों को होगा, जिन्हें रोजाना अपने कार्यों के लिए चंडीगढ़-पंचकूला आना-जाना होता है। इस प्रोजेक्ट में रेलवे स्टेशन के नीचे से रेलवे अंडर पास (आरयूबी) बनाने का प्रस्ताव है। यह नया रास्ता पंचकूला के सेक्टर 17-18 वाले चौक से शुरू होकर रेलवे स्टेशन के नीचे से होता हुआ चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 में निकलेगा। चंडीगढ़-पंचकूला के लिए मिलेगा नया ट्रैफिक रूट, मगर काटे जाएंगे पेड़

रेलवे कॉलोनी की सड़क को कलाग्राम के पास मध्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। वही विकास नगर की तरफ भी एक आरयूबी बनेगा। इसके निर्माण पर खर्च भी आइआरएसडीसी द्वारा किया जाएगा। इसके बनने से चंडीगढ़ पंचकूला से रेलवे स्टेशन पर आने वाले ट्रैफिक को नया रूट मिलेगा। रूट को चंडीगढ़- पंचकूला से आने जाने वाला ट्रैफिक भी यूज कर सकेगा। कुछ जगहों पर पेड़ हैं, जिन्हें काटा जाएगा। विस अध्यक्ष और अधिकारियों ने किया दौरा

बुधवार को हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता और भारतीय रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन की जेजीएम प्रोमिता राय ने पंचकूला साइड का दौरा किया। प्रोमिता राय ने नक्शा दिखाकर एक-एक प्वाइंट के बारे में समझाया। बताया कि रेलवे की ओर से आगामी 40 साल की प्लानिग के तहत काम किया जा रहा है। इसके तहत चार प्लेटफार्म बनाने की जगह छोड़ी जाएगी। स्ट्रक्चर इस प्रकार तैयार किया गया है कि यदि कहीं तोड़कर दोबारा बनाना पड़े, तो कोई परेशानी न हो। चंडीगढ़ के साथ पंचकूला का नाम जोड़ें

इस मौके पर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के साथ पंचकूला का भी नाम जोड़ने के बारे में चर्चा हुई। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने रेल मंत्री पीयूष गोयल के समक्ष इस मुद्दे को उठाया है, ताकि पंचकूला के लिए अलग रेलवे स्टेशन की मांग न उठे। उनका तर्क है कि जीआरपी में पुलिस कर्मचारी भी हरियाणा पुलिस के ही होते हैं। इस दौरान गुप्ता ने पुलिस कर्मियों से भी बात की, तो उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन पर किसी भी मौत के केस में शव को पंचकूला अस्पताल लेकर जाते हैं और केस भी पंचकूला की अदालतों में चलते हैं। प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यो के लिए चंडीगढ़ प्रशासन से सहयोग लेगा रेलवे

रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन की जेजीएम प्रोमिता राय ने बताया कि परियोजना में शामिल कुछ कार्यों के लिए चंडीगढ़ प्रशासन का सहयोग जरूरी है। हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता इसके लिए जल्द चंडीगढ़ प्रशासन से बात करेंगे। वर्तमान में रेलवे स्टेशन के पंचकूला छोर पर है सुविधाओं का अभाव

पंचकूला चंडीगढ़ से सटा हुआ शहर है। यहां का रेलवे स्टेशन दोनों शहरों के बीच में है, लेकिन पंचकूला की तरफ वाले हिस्से में सुविधाओं का घोर अभाव है। इस रेलवे स्टेशन की पंचकूला से ठीक से कनेक्टिविटी भी नहीं है। यह स्टेशन पंचकूला की भूमि पर बना हुआ है और प्रस्तावित परियोजना में इसका विस्तार भी पंचकूला की दिशा में ही होना है। अनेक बार पंचकूला आने वाले नए यात्रियों में भ्रम की स्थिति बन जाती है। उन्हें चंडीगढ़ पहुंचने पर लगता है कि पंचकूला स्टेशन इसके बाद आता होगा। रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने की योजना आगे बढ़ रही है। रेल मंत्री पीयूष गोयल से भी बातचीत हुई थी। योजना का खाका आज देखा गया है। स्टेशन के अपग्रेडेशन के साथ-साथ इसके साथ पड़ी सैकड़ों एकड़ भूमि का भी कायाकल्प होना जरूरी है। इस भूमि पर बड़े आवासीय और कामर्शियल प्रोजेक्ट स्थापित करने का प्रस्ताव है।

- ज्ञान चंद गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष हरियाणा।

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