चंडीगढ़, [इन्द्रप्रीत सिंह]। विभिन्‍न मॉल में बने सिनेमा हाल में टिकट इतना महंगा नहीं है, जितना वहां बिकने वाले खाद्य पदार्थ महंगे होते हैं। होटलों में खाद्य पदार्थों की बहुत अधिक कीमतें वसूलने के मामले उजागर होने के के बाद सिनेमा हाल में इनकी कीमत का मुद्दा भी उठ रहा है। पंजाब में भी यह मामला गर्मा रहा है, लेकिन पंजाब सरकार ने मामला सुप्रीम कोर्ट में होने की बात कह कर अपना पल्‍ला झाड़ लिया है।

दरअसल, खाद्य पदार्थों की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए तमाम कानून बने होने के बावजूद सिनेमा हाल में यह लागू नहीं हो रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने इस ओर कदम जरूर उठाए और कई अन्य राज्यों ने भी कदम उठाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह की सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगा ताकि एक ही फैसला दिया जा सके।

 मंत्री ने कहा, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर एमआरपी न होने से कार्रवाई नहीं हो सकती

पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशू का कहना है कि जब तक केस सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, राज्य सरकार कोई कानून नहीं बना सकती। जैसे ही कोई फैसला होगा इस ओर कदम उठाया जाएगा। यह मामला पिछले हफ्ते पंजाब विधानसभा में भी आया था। जालंधर से विधायक राजिंदर बेरी ने यह मामला उठाते हुए आशू से पूछा था कि क्या राज्य सरकार भी महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर सिनेमा हाल में बिकने वाली महंगी चीजों के रेट को कंट्रोल करने के लिए कोई कानून बनाने जा रही है?

यह भी पढ़ें: चंडीगढ़ को कंपा देने वाले सामूहिक दुष्‍कर्म मामले में बड़ा फैसला, दोषी दो ऑटो चालकों को ताउम्र कैद

कांग्रेस विधायक बेरी ने सदन में बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने सभी तरह की वस्तुओं के अधिकतम रेट तय कर दिए हैं ताकि सिनेमा मालिक खाने-पीने की वस्तुओं के अनुचित दाम उपभोक्ताओं से न वसूल सकें। पंजाब के सभी सिनेमा घरों में बिकने वाले सामान की कीमतें बहुत ज्यादा हैं और यह सीधे उपभोक्ताओं से लूट है।

यह भी पढ़ें: पति की घिनौनी हरकत पर कोर्ट ने कहा- पत्‍नी घरेलू वस्तु नहीं, जैसे चाहाे इस्तेमाल करो

इस पर मंत्री आशू ने बताया कि चूंकि यह सामान खुले रूप में मिलता है, इसलिए सिनेमा हॉल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती। एमआरपी वाले पैक सामान के मामले में ही ज्यादा रेट वसूलने पर कार्रवाई की जा सकती है। मंत्री ने यह भी कहा कि लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009 के अनुसार खाने-पीने की वस्तुएं मल्टीप्लैक्स प्राइवेट सिनेमा में बाहर से लाने संबंधी कोई पाबंदी लगाने या हटाने का अधिकार नहीं है। न ही किसी वस्तु की कीमत निर्धारित करने का कोई अधिकार है।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

 

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

Posted By: Sunil Kumar Jha